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नेस्ले इंडिया को लैक्टोजेन प्रो 1 की पाचन क्षमता से जुड़े दावे पर एफएसएसएआई से मिला नोटिस

Source : business.khaskhabar.com | Oct 22, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 fssai issues notice to nestlé india over claims regarding digestibility of lactogen pro 1 855149नई दिल्ली । भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने बुधवार को नेस्ले इंडिया को उसके लैक्टोजेन प्रो 1 पाउडर से जुड़े दावों को लेकर नोटिस जारी किया। प्राधिकरण ने कंपनी से इस दावे के समर्थन में वैज्ञानिक प्रमाण पेश करने को कहा है कि उत्पाद में मौजूद व्हे प्रोटीन आसानी से पच जाता है। 
नियामक के अनुसार, यह दावा उत्पाद की पैकेजिंग या विज्ञापन सामग्री पर किया गया था।
एफएसएसएआई ने कहा कि कंपनी को निर्धारित समयसीमा के भीतर वैज्ञानिक प्रमाण और सभी संबंधित दस्तावेज तथा सहायक साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
प्राधिकरण ने कहा, "एफएसएसएआई ने लैक्टोजेन प्रो 1 पाउडर, नैन एक्सेला प्रो स्टेज 1 और शिशुओं के लिए दूध के विकल्प जैसे उत्पादों से जुड़े भ्रामक दावों और नियमों का पालन नहीं करने वाले प्रचार के संबंध में खाद्य कारोबार संचालकों (एफबीओ) को नोटिस जारी किए हैं।"
नियामक ने आगे कहा, "उत्पाद की पैकेजिंग या विज्ञापन सामग्री पर यह दावा देखा गया कि इसमें व्हे प्रोटीन होता है, जो दूध के प्रोटीन का एक हिस्सा है और आसानी से पच जाता है। खाद्य कारोबार संचालक से व्हे प्रोटीन के आसानी से पचने संबंधी दावे के समर्थन में वैज्ञानिक प्रमाण मांगे गए हैं।"
प्राधिकरण ने बताया कि संबंधित खाद्य कारोबार संचालक को निर्धारित अवधि के भीतर दावे के समर्थन में आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
यह कार्रवाई खाद्य नियामक की ओर से खाद्य कारोबार संचालकों द्वारा किए जाने वाले भ्रामक दावों और नियमों का पालन नहीं करने वाली प्रचार गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है।
इस अभियान के दायरे में विभिन्न कंपनियों के कई उत्पाद शामिल हैं। इनमें कॉम्प्लान और नैन एक्सेला प्रो स्टेज 1 जैसे पोषण संबंधी उत्पाद और शिशुओं को दूध पिलाने से जुड़े उत्पाद भी शामिल हैं।
एफएसएसएआई ने कहा कि खाद्य कंपनियों के लिए यह सुनिश्चित करना अनिवार्य है कि उत्पादों के लेबल, पैकेजिंग और विज्ञापनों में किए गए दावों को पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाणों का समर्थन प्राप्त हो और वे देश के खाद्य सुरक्षा तथा विज्ञापन संबंधी नियमों का पालन करें।
नियामक ने कहा, "नोटिस प्राप्त करने वालों को निर्देश दिया गया है कि वे नोटिस जारी होने की तारीख से निर्धारित अवधि के भीतर यह स्पष्ट करें कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 और इसके तहत बनाए गए नियमों एवं विनियमों के अंतर्गत उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।"
--आईएएनएस
 

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