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मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच कीमती धातुओं में बड़ा उतार-चढ़ाव, तेजी के बाद गिरे सोने-चांदी के दाम

Source : business.khaskhabar.com | Mar 05, 2026 | businesskhaskhabar.com Commodity News Rss Feeds
 precious metals fluctuate sharply amid rising tensions in the middle east with gold and silver prices falling after a surge 796215नई दिल्ली । मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच गुरुवार के कारोबारी सत्र में कीमती धातुओं (सोने और चांदी) में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव और महंगाई की आशंका के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश विकल्पों यानी सेफ-हेवन एसेट्स की ओर रुख किया, जिससे शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। हालांकि बाद में इन दोनों धातुओं में गिरावट दर्ज की गई। 
खबर लिखे जाने तक (दोपहर करीब 12.13 बजे) घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के अप्रैल वायदा में इंट्रा-डे आधार पर 0.22 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 1,61,165 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, मई डिलीवरी वाला सिल्वर फ्यूचर्स 1.17 प्रतिशत यानी 3,109 रुपए गिरकर 2,62,451 रुपए प्रति किलोग्राम हो गया।
सुबह के समय एमसीएक्स पर सोना जहां 1,63,142 रुपए प्रति 10 ग्राम के दिन के उच्च स्तर पर पहुंच गया था, तो वहीं चांदी 2,74,251 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई थी।
वहीं, इससे पहले दिन में चांदी की कीमतों में 3.3 प्रतिशत तक उछाल आया था, जबकि सोना भी 1 प्रतिशत से ज्यादा चढ़ा था। हालांकि बाद में कुछ निवेशकों द्वारा मुनाफावसूली करने से कीमतों में थोड़ी नरमी देखी गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर 1.2 प्रतिशत बढ़कर 84.43 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि स्पॉट गोल्ड 0.8 प्रतिशत की बढ़त के साथ 5,176.69 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया।
दरअसल, अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष छठे दिन में पहुंच गया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के रास्तों में बाधा आई है। इससे महंगाई बढ़ने की आशंका तेज हो गई है। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर में कमजोरी ने भी कीमती धातुओं की कीमतों को सहारा दिया।
डॉलर इंडेक्स 0.22 प्रतिशत बढ़कर 98.99 पर पहुंच गया, जिससे विदेशी मुद्राओं में खरीदारी करने वाले निवेशकों के लिए सोना-चांदी अपेक्षाकृत सस्ता हो गया। हाल ही में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और वैश्विक शेयर बाजारों में तेजी के कारण सुरक्षित मुद्रा माने जाने वाले डॉलर की मांग में भी कमी आई है।
विश्लेषकों का अनुमान है कि चांदी की कीमतें फिलहाल 85 से 95 डॉलर प्रति औंस के बीच स्थिर रह सकती हैं और इसके बाद 100 डॉलर के स्तर की ओर बढ़ सकती हैं। वहीं यदि होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) बंद रहता है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होती है, तो सोना 5,500 से 5,600 डॉलर प्रति औंस के स्तर तक पहुंच सकता है।
ऊर्जा बाजार की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय एक्सचेंज पर बेंचमार्क क्रूड का अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट शुरुआती कारोबार में 2.43 प्रतिशत बढ़कर 83.26 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं न्यूयॉर्क मर्केंटाइल एक्सचेंज (एनवाईमेक्स) पर वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) का अप्रैल कॉन्ट्रैक्ट 2.63 प्रतिशत बढ़कर 76.63 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करता दिखा।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका की एक पनडुब्बी ने श्रीलंका के पास ईरान के एक युद्धपोत को डुबो दिया, जिसमें कम से कम 80 लोगों की मौत की खबर है। इस घटना ने क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है और संघर्ष के और फैलने की आशंका पैदा कर दी है।
विश्लेषकों के मुताबिक, सोने के लिए 1,58,000 और 1,62,000 रुपए का स्तर मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 1,75,000 और 1,80,000 रुपए का स्तर प्रमुख रेजिस्टेंस हो सकता है। वहीं एमसीएक्स पर चांदी के लिए 2,50,000 और 2,70,000 रुपए सपोर्ट स्तर हैं, जबकि 3,00,000 और 3,20,000 रुपए रेजिस्टेंस स्तर माने जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ सकती है, जिससे फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावना टल सकती है। इससे अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को सपोर्ट मिल सकता है और निकट भविष्य में सोना-चांदी की तेजी कुछ हद तक सीमित रह सकती है।
--आईएएनएस

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