हर 10 में 8 भारतीय व्यवसाय ट्रेड पॉलिसी में बदलाव को मानते हैं सकारात्मक : सर्वेक्षण
एचएसबीसी इंडिया के सर्वेक्षण में कहा गया कि भारतीय व्यवसायों का आत्मविश्वास बढ़ रहा है और वे वैश्विक व्यापार की चुनौतियों का समाधान करने में पूरी तरह सक्षम है। वहीं, 77 प्रतिशत भारतीय व्यवसाय छह महीने पहले की तुलना में अपने परिचालन पर व्यापार नीति के प्रभाव के बारे में अधिक निश्चित है।
भारत का इंफ्रास्ट्रक्चर मार्केट 2030 तक 25 लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान : रिपोर्ट
रिपोर्ट में कहा गया है कि इंफ्रास्ट्रक्चर एग्जीक्यूशन के लिए मार्केट में हाई बीटा बना रह सकता है; इंजीनियरिंग, कंस्ट्रक्शन, इंडस्ट्रियल्स, सीमेंट, पावर इक्विपमेंट और लॉजिस्टिक्स में अर्निंग्स विजिबिलिटी मजबूत बनी रहेगी। इनविट्स की वृद्धि को अनुमानित कॉन्ट्रैक्ट-बेस्ड रेवेन्यू स्ट्रीम से समर्थन मिलेगा, जो 10-12 प्रतिशत की प्री-टैक्स यील्ड और 7–9 प्रतिशत की पोस्ट टैक्स रिटर्न देगा, यह पारंपरिक फिक्स्ड-इनकम इंस्ट्रूमेंट्स से अधिक है।
दिसंबर में कम हो सकती हैं ब्याज दरें: RBI गवर्नर बोले विकास दर को बढ़ाने के लिए रेपो रेट में कटौती संभव
मल्होत्रा ने अक्टूबर में हुई मौद्रिक नीति समिति की पिछली बैठक के बाद कहा था कि अगली मौद्रिक नीति में ब्याज दरों में कटौती की गुंजाइश है, क्योंकि महंगाई में कमी आ गई है और अब केंद्रीय बैंक विकास को रफ्तार देने पर फोकस करना चाहता है।
चार नई श्रम संहिताएं बेहतर वेतन, सामाजिक सुरक्षा और कामगारों का कल्याण सुनिश्चित करेंगी : भारतीय मजदूर संघ
चार नई श्रम संहिताओं से बेहतर वेतन, सामाजिक सुरक्षा और कामगारों का कल्याण सुनिश्चित होगा। इससे हर श्रमिक को समय पर वेतन मिलने में मदद मिलेगी। यह जानकारी भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के सचिव जीसी आर्या ने रविवार को दी।
रुपए ने की जोरदार वापसी, डॉलर के मुकाबले 26 पैसे की बढ़त पर खुला
भारतीय करेंसी रुपया सोमवार के कारोबारी दिन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 26 पैसे की बढ़त पर मजबूती के साथ खुला। करेंसी एक्सपर्ट्स ने कहा कि रुपया को लेकर यह सुधार केंद्रीय बैंक आरबीआई के सपोर्ट के कारण देखा जा रहा है।
औद्योगिक संबंध संहिता से कर्मचारी सशक्त होंगे और व्यापार में आसानी को मिलेगा बढ़ावा
औद्योगिक संबंध संहिता में मौजूदा तीन कानूनों - औद्योगिक विवाद अधिनियम 1947, ट्रेड यूनियन एक्ट 1926 एवं औद्योगिक सेवायोजन (स्टैंडिग आर्डर) एक्ट 1946 को समाहित किया गया है। इसके लागू होने से नियमों की संख्या 105 से घटकर 51, प्रपत्रों की संख्या 37 से घटकर 18, और रजिस्टरों की संख्या 3 से घटकर शून्य हो गई है, जिससे रोजगार को गति देने के लिए समग्र अनुपालन बोझ कम हो गया है और इससे व्यापार में आसानी को बढ़ावा मिला है।
बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था की हालत खस्ता, बीते एक साल में 14 प्रतिशत बढ़ा कर्ज
बांग्लादेश प्रशासन का खर्च बढ़ता जा रहा है। वहीं, आय उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ रही है, जिसके चलते आय और खर्च में अंतर लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते वित्त वर्ष में बांग्लादेश सरकार का कर्ज 2,50,000 करोड़ टका बढ़ा है, जो कि देश के अब तक के इतिहास में अब तक सबसे तेज कर्ज वृद्धि में से एक है। बांग्लादेश बैंक के डेटा के मुताबिक, सरकार ने बैंकों से वित्त वर्ष 25 में 72,372 करोड़ टका का कर्ज लिया था।
लेबर रिफॉर्म्स से बढ़ेगी गिग वर्कर्स की सोशल सिक्योरिटी : डिजिटल प्लेटफॉर्म्स
कंपनी का कहना है कि सरकार द्वारा संबंधित नियमों को लेकर नोटिफिकेशन जारी करने के बाद ही फाइनेंशियल और ऑपरेशनल डिटेल्स साफ हो पाएंगी। कंपनी के अनुसार, लेबल कानूनों के साथ नियम पहले से ज्यादा स्पष्ट और यूनिफॉर्म बनते हैं, जो कि भारत और देश के इकोसिस्टम दोनों को सपोर्ट करते हैं। इटरनल ने बताया कि कंपनी कई वर्षों से सरकार के साथ बातचीत में है और इस तरह के योगदानों के लिए तैयारी कर रही है।
रिलायंस फाउंडेशन को अवॉर्ड; नीता अंबानी बोलीं 2036 ओलंपिक भारत का सपना
नीता अंबानी ने यह अवॉर्ड रिलायंस फाउंडेशन परिवार और देश के युवा खिलाड़ियों को समर्पित किया। सम्मान स्वीकार करते हुए उन्होंने ने कहा कि “आने वाला दशक भारतीय खेलों का स्वर्णिम दशक होगा। भारत को एक वैश्विक मल्टी-स्पोर्टिंग पावरहाउस बनाने का समय आ गया है। यह 1.4 अरब भारतीयों का साझा सपना है कि भारत, 2036 ओलंपिक गेम्स की मेजबानी करे, और रिलायंस फाउंडेशन इस सपने को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है।”
टेक्सटाइल मशीनरी एक्सपो सीटेक्स 2025 से सूरत की इकोनॉमी को मिलेगी रफ्तार
इस तीन दिवसीय प्रदर्शनी में देश में पहली बार सूरत में औद्योगिक कपड़ा बनाने वाली ग्लास फाइबर मशीन आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस मशीनरी का इस्तेमाल इलेक्ट्रिक सर्किट, कार, भवन निर्माण के साथ-साथ रेलवे ट्रैक बिछाने के लिए कपड़ा बनाने में किया जाता है।
भारतीय रेलवे ने चालू वित्त वर्ष में 19 नवंबर तक 1 बिलियन टन माल ढुलाई का आंकड़ा किया पार
मंत्रालय के अनुसार, इस वर्ष अप्रैल से अक्टूबर के बीच फ्रेट लोडिंग इस सकारात्मक प्रगति को और भी मजबूत करती है, जिसके 2025 में 935.1 मिलियन टन तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह 906.9 मिलियन टन दर्ज किया गया था, जो सालाना आधार पर एक शानदार वृद्धि को दर्शाता है। बेहतर होते डेली लोडिंग रेट्स के साथ यह निरंतर गति भारतीय रेलवे की भारत के औद्योगिक विस्तार और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को सपोर्ट करने की क्षमता को दर्शाती है।