उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने वैश्विक लेनदेन सुगम बनाने को विदेशी मुद्रा सेवाओं और ईईएफसी खातों की शुरुआत की
विदेशी मुद्रा सेवाओं के पूरक के रूप में, ईईएफसी खाता निर्यातकों और विदेशी मुद्रा में कमाई करने वाले पेशेवरों को भारतीय रुपए में तत्काल परिवर्तन किए बिना अपनी विदेशी मुद्रा आय को रखने और प्रबंधित करने का एक सुविधाजनक तरीका प्रदान करता है। यह सुविधा ग्राहकों को मुद्रा के उतार-चढ़ाव से बचने में मदद करती है और भविष्य के व्यवसाय या यात्रा की जरूरतों के लिए विदेशी मुद्रा में तरलता बनाए रखने में सक्षम बनाती है। ईईएफसी खाता स्वतंत्र रूप से परिवर्तनीय मुद्राओं में रखा जा सकता है और इसका उपयोग फेमा दिशानिर्देशों के अनुपालन में व्यावसायिक भुगतान, यात्रा और व्यापार-संबंधित खर्चों जैसे अनुमत लेनदेन के लिए किया जा सकता है।
सरकारी कंपनियों से वार्षिक डिविडेंड बीते 5 वर्षों में 86 प्रतिशत बढ़कर 74,017 करोड़ रुपए हुआ
सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज (सीपीएसई) से डिविडेंड बीते पांच वर्षों में 86.2 प्रतिशत बढ़कर वित्त वर्ष 2024-25 में 74,017 करोड़ रुपए हो गया है, जो कि वित्त वर्ष 2020-21 में 39,750 करोड़ रुपए था। यह जानकारी वित्त मंत्रालय की ओर से बुधवार को दी गई।
भारत के रियल एस्टेट सेक्टर ने 11 डील के जरिए चालू वित्त वर्ष में जुटाए 17,867 करोड़ रुपए
भारत के रियल एस्टेट सेक्टर ने चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों में 11 कैपिटल मार्केट डील्स के जरिए 17,867 करोड़ रुपए जुटाए हैं। यह जानकारी मंगलवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।
भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 2047-48 तक 26 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद : रिपोर्ट
अगर भारत की अर्थव्यवस्था आने वाले वर्षों में 6 प्रतिशत की औसत वृद्धि दर के साथ बढ़ती है
भारत ने 2025 में रिकॉर्ड 44.5 गीगावाट रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता जोड़ी : केंद्र
केंद्र सरकार ने कहा कि देश में स्थापित कुल रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता नवंबर 2025 में 253.96 गीगावाट थी, जो कि पिछले साल नवंबर 2024 में स्थापित 205.52 गीगावाट क्षमता के मुकाबले करीब 23 प्रतिशत ज्यादा है।
आईबीसी में संशोधन से बैंकों को कर्ज वसूली में मिलेगी राहत : रिपोर्ट
दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) विधेयक, 2025 में प्रस्तावित बदलाव बैंकों और कर्ज देने वालों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। इन बदलावों से कर्ज की वसूली बढ़ने की उम्मीद है, क्योंकि अभी मामलों को सुलझाने में बहुत ज्यादा समय लग जाता है।
भारत 2030 तक 7.3 ट्रिलियन डॉलर की जीडीपी के साथ बनेगा दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
भारत 4.18 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ जापान को पछाड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है और अगले 2.5 से 3 वर्षों में जर्मनी को पछाड़कर तीसरी रैंक हासिल कर लेगा और 2030 तक 7.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा। यह जानकारी सोमवार को एक आधिकारिक बयान में दी गई।