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अदाणी ग्रुप का 2,500 करोड़ रुपए का निवेश ग्वालियर-चंबल अंचल को अग्रणी डिफेंस हब के रूप में करेगा स्थापित: सिंधिया

Source : business.khaskhabar.com | July 06, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 adani groups ₹2500 crore investment to establish gwalior chambal region as a leading defence hub scindia 826682शिवपुरी/ग्वालियर/नई दिल्ली । केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने रविवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की उपस्थिति में शिवपुरी जिले में अदाणी डिफेंस एंड एयरोस्पेस द्वारा स्थापित किए जा रहे दक्षिण एशिया के निजी क्षेत्र के सबसे बड़े मिसाइल एवं एडवांस्ड डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम का शिलान्यास किया। 
लगभग 2,500 करोड़ रुपए के निवेश से विकसित होने वाली यह परियोजना भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के साथ-साथ ग्वालियर-चंबल अंचल को देश के अग्रणी डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में स्थापित करेगी।
केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत का समय आ चुका है। आज भारत रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक गति से आगे बढ़ रहा है। यह परियोजना उसी दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
आज शिवपुरी में नई रक्षा उत्पादन फैक्ट्री का शिलान्यास करना उनके लिए गर्व का विषय है, क्योंकि देश की रक्षा क्षमता को सशक्त बनाने की परंपरा सिंधिया परिवार की ऐतिहासिक विरासत का हिस्सा रही है।
उन्होंने कहा कि महाराज महादजी सिंधिया के शासनकाल में मथुरा, दिल्ली, ग्वालियर, कालपी और गोहद में आयुध निर्माण कारखानों एवं शस्त्रागार स्थापित किए गए थे। वहीं महाराजा जीवाजीराव सिंधिया द्वारा ग्वालियर में स्थापित जीवाजी इंडस्ट्रियल रिसर्च लेबोरेटरी (जेआईआरएल) को बाद में रक्षा मंत्रालय को समर्पित किया गया, जो आगे चलकर आज के डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (डीआरडीई) के रूप में विकसित हुई और देश के रक्षा अनुसंधान एवं विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि शिवपुरी में इस आधुनिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग परियोजना का शिलान्यास उसी गौरवशाली परंपरा का नया अध्याय है।
उन्होंने कहा कि शिवपुरी के कोलारस क्षेत्र में स्थापित होने वाला यह डिफेंस कॉम्प्लेक्स कोटा कॉरिडोर एवं बॉम्बे-ग्वालियर राष्ट्रीय राजमार्ग के निकट स्थित होने के कारण देशभर के सैन्य प्रतिष्ठानों तक रक्षा उपकरणों की तेज और प्रभावी आपूर्ति सुनिश्चित करेगा।
इस परियोजना में आधुनिक मिसाइल प्रणालियों, प्रिसिजन-गाइडेड म्यूनिशन तथा अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियों का निर्माण किया जाएगा। इससे भारत की स्वदेशी रक्षा उत्पादन क्षमता और निर्यात संभावनाओं को नई मजबूती मिलेगी तथा ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को बल मिलेगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस परियोजना से लगभग 5,000 प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके साथ ही ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के सैकड़ों सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) रक्षा उत्पादन की सप्लाई चेन से जुड़ेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को व्यापक लाभ मिलेगा।
--आईएएनएस
 

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