businesskhaskhabar.com

Business News

Home >> Business

बाजार में उतार-चढ़ाव से घबराएं नहीं, धैर्य रखें रिटेल निवेशक: सेबी प्रमुख

Source : business.khaskhabar.com | Mar 14, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 dont panic over market volatility retail investors should exercise patience sebi chief 798301नई दिल्ली । सेबी यानी भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (एसईबीआई) के चेयरमैन तुहिन कांत पांडे ने शनिवार को कहा कि वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत के पूंजी बाजार लगातार मजबूत और व्यापक होते जा रहे हैं। 
राष्ट्रीय राजधानी में एक मीडिया कार्यक्रम में बोलते हुए सेबी प्रमुख ने रिटेल निवेशकों को सलाह दी कि वे बाजार के अल्पकालिक उतार-चढ़ाव पर जल्दबाजी में प्रतिक्रिया न दें।
उन्होंने कहा, "रिटेल निवेशकों के लिए सबसे बेहतर रणनीति धैर्य बनाए रखना है।" उन्होंने यह भी कहा कि ऐतिहासिक रूप से, बड़े वैश्विक संकटों के बाद बाजार में फिर से सुधार देखने को मिलता है।
उन्होंने बताया कि भारत के पूंजी बाजार आकार, विविधता और मजबूती के मामले में तेजी से बढ़ रहे हैं।
पांडे ने कहा, "हमारे बाजार लगातार गहरे और विविध हो रहे हैं और उनकी मजबूती भी बढ़ रही है, लेकिन जैसे-जैसे बाजार का आकार और जटिलता बढ़ती है, वैसे-वैसे वे वैश्विक घटनाओं से भी अधिक प्रभावित होने लगते हैं।"
वैश्विक बाजारों में अस्थिरता को स्वीकार करते हुए, उन्होंने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव, तकनीकी बदलाव और ऊर्जा संकट अनिश्चितता में योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने कहा, "भू-राजनीतिक तनाव आर्थिक संबंधों को आकार दे रहे हैं। मध्य पूर्व में संघर्ष ने ऊर्जा आपूर्ति को बुरी तरह प्रभावित किया है।"
उन्होंने कहा कि मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण ऊर्जा आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा है, जिसका प्रभाव वैश्विक पूंजी बाजारों पर भी पड़ा है।
पांडे के अनुसार, आज के वित्तीय बाजारों की एक खासियत यह है कि उनमें अस्थिरता ज्यादा देखने को मिलती है, क्योंकि जानकारी और खबरें तेजी से पूरी दुनिया में फैलती हैं। हालांकि उन्होंने कहा कि ऐसे दौर स्थायी नहीं होते।
उन्होंने कहा, "एक बात स्पष्ट है कि अत्यधिक अस्थिरता के दौर हमेशा के लिए नहीं रहते।"
वैश्विक बाजारों में हो रहे संरचनात्मक बदलावों का जिक्र करते हुए सेबी चीफ ने कहा कि आर्थिक विभाजन, बदलते व्यापार मार्ग और तकनीक की बढ़ती भूमिका बाजारों को तेजी से बदल रही है।
उन्होंने बताया कि एल्गोरिदमिक ट्रेडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और एडवांस्ड डेटा एनालिटिक्स के कारण बाजार पहले से कहीं ज्यादा तेजी से काम कर रहे हैं।
सेबी चेयरमैन ने यह भी कहा कि आज के दौर में जानकारी बहुत तेजी से फैलती है और राय उससे भी तेज, जिसके कारण बाजार अक्सर खबरों और कथाओं पर तुरंत प्रतिक्रिया देने लगते हैं।
उन्होंने कहा कि नीति निर्माताओं के लिए यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि बाजार की तेजी के साथ उसकी स्थिरता भी बनी रहे।
आगे की दिशा पर बात करते हुए सेबी प्रमुख ने कहा कि भारत के आर्थिक विकास के अगले चरण के लिए मजबूत बॉन्ड बाजार, संस्थागत निवेशकों की ज्यादा भागीदारी और तकनीकी नवाचार जरूरी होंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि निवेशकों की सुरक्षा के लिए सेबी कई कदम उठा रहा है, जिनमें सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी की निगरानी और पीएआरआरवीए जैसे निगरानी सिस्टम को मजबूत करना शामिल है, ताकि बाजार में संभावित हेरफेर और गलत जानकारी का पता लगाया जा सके।
--आईएएनएस
 

[@ हनुमानजी व शनिदेव के बीच क्या है रिश्ता]


[@ यहां लगता है साढे तीन साल का सूर्यग्रहण!]


[@ इस एक्ट्रेस ने माना, खाना बनाने से दूर होता है तनाव]


Headlines