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भारत-न्यूजीलैंड एफटीए से जेम्स और ज्वेलरी एक्सपोर्ट 50 मिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद: शीर्ष उद्योग निकाय

Source : business.khaskhabar.com | Apr 28, 2026 | businesskhaskhabar.com Commodity News Rss Feeds
 gems and jewelry exports expected to reach $50 million under india new zealand fta top industry body 809553नई दिल्ली । भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से जेम्स और ज्वेलरी के निर्यात में बड़ा इजाफा होने की उम्मीद है। सोमवार को एक शीर्ष उद्योग निकाय ने कहा कि उद्योग के अनुमान के मुताबिक अगले तीन वर्षों में यह निर्यात बढ़कर 50 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।  
सोमवार को साइन हुए इस समझौते के तहत भारत से न्यूजीलैंड जाने वाले सामान पर जीरो ड्यूटी लगेगी। रत्न एवं आभूषण निर्यात संवर्धन परिषद (जीजेईपीसी) के अनुसार, यह कदम भारत के निर्यात बाजार को विविध बनाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वर्तमान में न्यूजीलैंड को भारत से जेम्स और ज्वेलरी का निर्यात करीब 16.61 मिलियन डॉलर है। बेहतर बाजार पहुंच मिलने के बाद यह आंकड़ा अगले तीन साल में करीब तीन गुना बढ़ने की संभावना है।
जीजेईपीसी के चेयरमैन किरित भंसाली ने कहा, "आज के अस्थिर वैश्विक माहौल में भारत द्वारा लगातार एफटीए करना उद्योग को नए बाजारों में विस्तार करने में मदद कर रहा है और किसी एक देश या क्षेत्र पर निर्भरता कम कर रहा है।"
उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के साथ हुए समझौते के बाद यह एफटीए सही समय पर उठाया गया कदम है।
उन्होंने आगे कहा, "न्यूजीलैंड को भारत का जेम्स और ज्वेलरी निर्यात अभी करीब 16.61 मिलियन डॉलर है, लेकिन जीरो ड्यूटी मिलने से अगले तीन साल में यह लगभग 50 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।"
उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड में प्रति व्यक्ति ज्वेलरी की खपत ज्यादा है, जिससे भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ा अवसर है। साथ ही चीन और थाईलैंड जैसे देशों के मुकाबले कम ड्यूटी का फायदा भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने में मदद करेगा।
काउंसिल ने यह भी कहा कि इस समझौते से गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही प्रवासी भारतीयों और स्थानीय साझेदारियों के जरिए व्यापार और निवेश को भी मजबूती मिलेगी।
हाल के समय में न्यूजीलैंड के ज्वेलरी रिटेल सेक्टर में भारतीय निवेश भी बढ़ा है, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते संबंधों को दर्शाता है। यह एफटीए निर्यात बढ़ाने और लंबे समय तक आर्थिक सहयोग को मजबूत करने में मदद करेगा।
भारत और न्यूजीलैंड ने सोमवार को इस ऐतिहासिक एफटीए पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौते पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस लक्सन के नेतृत्व में हस्ताक्षर किए गए।
--आईएएनएस
 

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