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एफएसएसएआई ने ज्यादा नमक, चीनी और वसा वाले पैकेज्ड खाद्य उत्पादों पर रेड वार्निंग लेबल लगाने का दिया प्रस्ताव

Source : business.khaskhabar.com | Sep 24, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 fssai proposes red warning labels for packaged food products high in salt sugar and fat 847304नई दिल्ली । भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने पैकेज्ड खाद्य उत्पादों के लिए फ्रंट-ऑफ-पैक न्यूट्रिशन लेबलिंग (एफओपीएल) लागू करने का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत अधिक नमक, चीनी या वसा (फैट) वाले पैकेज्ड खाद्य पदार्थों के पैकेट के सामने स्पष्ट रूप से लाल रंग का चेतावनी चिन्ह (रेड वार्निंग लेबल) लगाना अनिवार्य किया जा सकता है। 
यह प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक हलफनामे के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। अदालत ने खाद्य नियामक और सरकार से फ्रंट-ऑफ-पैक चेतावनी लेबल लागू करने की समयसीमा पर स्पष्ट जानकारी मांगी थी।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत यदि किसी पैकेज्ड खाद्य उत्पाद में निर्धारित सीमा से अधिक नमक, चीनी या वसा पाया जाता है, तो उसके पैकेट के सामने सफेद पृष्ठभूमि पर लाल हेक्सागन (षट्कोणीय) चेतावनी चिन्ह (वार्निंग लेबल) प्रदर्शित करना होगा।
एफएसएसएआई का कहना है कि यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को खरीदारी के समय उत्पाद की पोषण संबंधी जानकारी तुरंत और आसानी से समझने में मदद करेगी, जिससे वे अधिक जागरूक खाद्य विकल्प चुन सकेंगे।
नियामक ने संकेत दिया है कि एफओपीएल को चरणबद्ध तरीके से लागू करने के बजाय एक ही चरण में लागू करने की योजना है। एफएसएसएआई के अनुसार, प्रस्तावित चेतावनी प्रारूप कुछ हद तक कनाडा में अपनाए गए मॉडल से प्रेरित है और इसका उद्देश्य उन पोषक तत्वों को उजागर करना है, जिनका अत्यधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए जोखिम पैदा कर सकता है।
प्रस्ताव के मुताबिक, यदि कोई उत्पाद केवल एक ही पोषक तत्व जैसे नमक, चीनी या वसा की निर्धारित सीमा से अधिक है, तब भी चेतावनी लेबल लगाना अनिवार्य होगा। ऐसी स्थिति में लाल हेक्सागन के भीतर संबंधित पोषक तत्व का नाम लिखा जाएगा।
यदि किसी उत्पाद में दो या तीनों पोषक तत्व निर्धारित सीमा से अधिक पाए जाते हैं, तो सभी संबंधित पोषक तत्वों का उल्लेख एक ही चेतावनी चिन्ह के भीतर किया जाएगा।
एफएसएसएआई ने स्पष्ट किया है कि यह नियम केवल उन उत्पादों तक सीमित नहीं होगा जिनमें एक से अधिक जोखिमकारी पोषक तत्व मौजूद हों। यदि कोई खाद्य पदार्थ किसी एक निर्धारित पोषक तत्व की सीमा भी पार करता है, तो वह इस चेतावनी प्रणाली के दायरे में आएगा।
खाद्य सुरक्षा प्राधिकरण का कहना है कि इस लेबलिंग व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं को पैकेज्ड खाद्य पदार्थों की पोषण प्रोफाइल के बारे में स्पष्ट, सरल और तुरंत समझ आने वाली जानकारी उपलब्ध कराना है।
हालांकि नियमों को अंतिम रूप देने से पहले उद्योग जगत और आम जनता से व्यापक परामर्श किया जाएगा। एफएसएसएआई के अनुसार, परामर्श प्रक्रिया पूरी होने और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आवश्यक नियामकीय प्रक्रियाओं के बाद मसौदा नियमों को जारी और अंतिम रूप देने में करीब चार महीने का समय लग सकता है।
--आईएएनएस
 

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