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एफटीए से एमएसएमई के लिए खुलेंगे विकसित देशों के बाजारों के दरवाजे: जितिन प्रसाद

Source : business.khaskhabar.com | Mar 09, 2026 | businesskhaskhabar.com Market News Rss Feeds
 ftas will open doors to developed markets for msmes jitin prasada 797259नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने सोमवार को कहा कि प्रमुख वैश्विक बाजारों के साथ हाल ही में हुए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) से भारत के लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र (एमएसएमई) को निर्यात बढ़ाने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में एकीकृत होने के महत्वपूर्ण अवसर मिलेंगे। 

फिक्की लेडीज ऑर्गनाइजेशन (एफएलओ) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय एमएसएमई पुरस्कार समारोह में बोलते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यूरोपीय संघ, यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड सहित क्षेत्रों के साथ व्यापार समझौते भारतीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों को विकसित बाजारों तक अधिक पहुंच प्रदान करेंगे।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को अब स्केल आधारित और कम लागत वाली मैन्युफैक्चरिंग से हटकर गुणवत्ता-संचालित उत्पादन की ओर बढ़ना चाहिए।

प्रसाद ने कहा,"लगभग 65 प्रतिशत विकसित बाजार अब देश के द्वारा किए गए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) का हिस्सा हैं। ये देश उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों की मांग करते हैं, और भारतीय निर्माताओं को वैश्विक मानकों को पूरा करने के लिए और अधिक प्रयास करने होंगे।"

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि शून्य शुल्क पहुंच से भारत में घटिया गुणवत्ता वाले आयात की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।

मंत्री ने आगे कहा कि मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) से लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के निर्यात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि इससे वे वैश्विक मूल्य श्रृंखलाओं में एकीकृत हो सकेंगे और साथ ही छोटे व्यवसायों के लिए निष्पक्ष और समावेशी बाजार पहुंच के अवसर पैदा होंगे।

प्रसाद ने लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) से उत्पादकता, दक्षता और निर्णय लेने की क्षमता में सुधार के लिए एआई जैसी उभरती टेक्नोलॉजी को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि एआई स्वास्थ्य सेवा और विनिर्माण से लेकर परिवहन और सेवाओं तक विभिन्न उद्योगों में तेजी से अनिवार्य होता जा रहा है।

इस बीच, राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (एनएसआईसी) के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक सुभ्रांशु शेखर आचार्य ने लक्षित समर्थन, डिजिटल सशक्तिकरण और कौशल विकास के माध्यम से महिला नेतृत्व वाले उद्यमों को बढ़ावा देने के महत्व पर बल दिया।

आचार्य ने व्यापार सक्षमता और विपणन (टीईएएम) पहल पर भी प्रकाश डाला, जिसका उद्देश्य ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) प्लेटफॉर्म पर पांच लाख एमएसएमई को शामिल करना है, जिसमें यह लक्ष्य है कि इनमें से 50 प्रतिशत उद्यम महिला नेतृत्व वाले हों।

इसके अतिरिक्त, एफएलओ की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम शर्मा ने कहा कि महिला नेतृत्व वाले एमएसएमई समावेशी आर्थिक विकास के शक्तिशाली चालक के रूप में उभर रहे हैं। उन्होंने बताया कि एफएलओ उद्यमिता समर्थन, कौशल विकास और नीतिगत वकालत के माध्यम से महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए काम कर रहा है।

संगठन ने महिला उद्यमियों को मार्गदर्शन, वित्तपोषण तक पहुंच, विपणन मार्गदर्शन और प्रौद्योगिकी सहायता प्रदान करने के लिए एफएलओ एमएसएमई सहायता प्रकोष्ठ भी शुरू किया है।

--आईएएनएस

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