businesskhaskhabar.com

Business News

Home >> Business

भारत में हेल्थकेयर जीसीसी जॉब ओपनिंग 2026 में 67,000 पहुंची; 12 वर्ष तक के अनुभव वाले लोगों की मांग अधिक

Source : business.khaskhabar.com | Oct 23, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 healthcare gcc job openings in india reach 67000 by 2026 high demand for professionals with up to 12 years of experience 855525नई दिल्ली । भारत के हेल्थकेयर ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (जीसीसी) में जॉब ओपनिंग 2026 में करीब 93 प्रतिशत बढ़कर 67,000 तक पहुंच गई है। इसमें 3 से 12 वर्ष तक के अनुभव वाले लोगों की मांग अधिक है। यह जानकारी शुक्रवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।  
क्वेस कॉर्प की रिपोर्ट के अनुसार, हेल्थकेयर जीसीसी में एआई सबसे तेजी से विस्तार करने वाली क्षमता होगी। जैसे-जैसे यह क्लिनिकल, आरएंडडी, ऑपरेशंस और प्रोडक्ट वर्कफ्लो में शामिल होगा, इसका प्रसार आज के लगभग 60 प्रतिशत केंद्रों से बढ़कर 2030 तक 80–90 प्रतिशत तक पहुंच सकता है।
क्वेस आईटी सॉल्यूशंस के सीईओ कपिल जोशी ने कहा, "पिछले साल नियुक्तियां लगभग दोगुनी हो गईं, और 2023 के बाद से एआई और डेटा टैलेंट की मांग में लगभग 150 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। फिर भी, सबसे बड़ी समस्या प्रतिभा की कमी है।"
भारत के हेल्थकेयर जीसीसी इकोसिस्टम में अब 155 जीसीसी संगठन शामिल हैं, जिनमें लगभग 3.2 लाख पेशेवर काम करते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भर्ती का स्वरूप पारंपरिक सपोर्ट कार्यों से बदलकर एआई, डेटा एनालिटिक्स, क्लिनिकल रिसर्च और रेगुलेटरी मामलों जैसे विशेष क्षेत्रों की ओर बढ़ रहा है।
रिपोर्ट में इन क्षेत्रों में प्रतिभा की बढ़ती कमी पर भी प्रकाश डाला गया है, जहां पेशेवरों की उपलब्धता भर्ती की जरूरतों के साथ तालमेल बिठाने में संघर्ष कर रही है।
डेटा, एनालिटिक्स और एआई से जुड़े पदों की मांग 2023 से 2026 के पूर्वानुमान के बीच 147.3 प्रतिशत बढ़कर 1,781 से 4,404 हो गई है। रेगुलेटरी, क्वालिटी और कंप्लायंस के क्षेत्र में मांग दोगुनी से अधिक होकर 6,147 हो गई है, जबकि आरएंडडी, क्लिनिकल डेवलपमेंट, बायोमेट्रिक्स और सांख्यिकी के क्षेत्र में मांग 82.5 प्रतिशत बढ़कर 5,421 पदों तक पहुंच गई है।
लगभग 3.2 लाख पेशेवरों के कार्यबल के बावजूद, विशेष प्रतिभाओं की उपलब्धता अभी भी सीमित है। रिपोर्ट के अनुसार, 'डेटा, एनालिटिक्स और एआई' तथा 'मार्केट एक्सेस, पेशेंट सर्विसेज और एनालिटिक्स' जैसे क्षेत्रों में आपूर्ति-मांग अनुपात केवल 1.6:1 है, जबकि कुल कार्यबल और वार्षिक मांग का अनुपात 4.8:1 है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि फ्रेशर्स की मांग कम होने के कारण, हायरिंग में अनुभवी पेशेवरों का दबदबा है। कुल 67,000 जॉब ओपनिंग्स में से लगभग 38,391 पद 3–7 साल के अनुभव वाले पेशेवरों के लिए हैं, जबकि 23,856 पद 7–12 साल के अनुभव वालों के लिए हैं।
2026 की दूसरी तिमाही में एंट्री-लेवल हायरिंग की मांग में सालाना आधार पर 12.4 प्रतिशत की गिरावट आई है, जबकि कुल तिमाही हायरिंग मांग में 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
बेंगलुरु और हैदराबाद भारत के हेल्थकेयर जीसीसी इकोसिस्टम के मुख्य केंद्र बने हुए हैं। यहां मौजूदा कार्यबल का 62.2 प्रतिशत हिस्सा मौजूद है और 2026 में अनुमानित हायरिंग मांग का 58.4 प्रतिशत हिस्सा इन्हीं शहरों से है।
बेंगलुरु सबसे आगे है, जहां 1.09 लाख पेशेवर काम कर रहे हैं और 23,600 पदों की मांग है। यह मांग मुख्य रूप से टेक्नोलॉजी, डिजिटल हेल्थ, एआई और मेडिकल-डिवाइस इंजीनियरिंग के क्षेत्रों से आ रही है।
 --आईएएनएस
 

[@ इस गुफा का चमत्कार सुनकर रह जाएंगे दंग]


[@ प्रदूषण का आंखों पर होता है ये असर]


[@ पापियों को "नर्क" की याद दिलाता है ये मंदिर]


Headlines