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वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के सर्वेक्षण में 98 प्रतिशत अर्थशास्त्रियों ने माना, तेजी से बढ़ेगी भारत की जीडीपी

Source : business.khaskhabar.com | Sep 25, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 in a world economic forum survey 98 percent of economists agreed that india gdp will grow rapidly 847857
बिजनेस डेस्क। नई दिल्ली 

भारत की विकास संभावनाएं वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (डब्ल्यूईएफ) के ताजा आउटलुक में शामिल सभी क्षेत्रों में अब भी सबसे मजबूत बनी हुई हैं। सर्वेक्षण में शामिल मुख्य अर्थशास्त्रियों में से 98 प्रतिशत ने अगले 12 महीनों में भारत की अर्थव्यवस्था में मध्यम या उससे बेहतर वृद्धि की उम्मीद जताई है। इनमें 74 प्रतिशत ने भारत में मजबूत या बहुत मजबूत वृद्धि की संभावना जताई है, जबकि मई में यह आंकड़ा 52 प्रतिशत था। 

डब्ल्यूईएफ ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की विकास दर का अनुमान अगस्त में बढ़ाकर 6.7 प्रतिशत कर दिया गया था, जो घरेलू मांग में लगातार बनी मजबूती को दर्शाता है। डब्ल्यूईएफ की रिपोर्ट के अनुसार, मजबूत घरेलू मांग से विकास को समर्थन मिलने की उम्मीद है, हालांकि ऊंची ऊर्जा कीमतें अब भी विकास के परिदृश्य पर दबाव डाल रही हैं। मई के बाद से महंगाई को लेकर उम्मीदों में नरमी आई है। 

अगले 12 महीनों में 55 प्रतिशत मुख्य अर्थशास्त्रियों को मध्यम महंगाई और 45 प्रतिशत को ऊंची महंगाई की उम्मीद है। मई में 61 प्रतिशत अर्थशास्त्रियों ने ऊंची या बहुत ऊंची महंगाई की आशंका जताई थी। अगस्त में उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित महंगाई सालाना आधार पर बढ़कर 4.8 प्रतिशत हो गई। यह 4 प्रतिशत के मध्यम अवधि के लक्ष्य से ऊपर रही, लेकिन 2-6 प्रतिशत की निर्धारित सीमा के भीतर बनी रही। 

आउटलुक के अनुसार, अधिकांश यानी 67 प्रतिशत उत्तरदाताओं को उम्मीद है कि मौद्रिक नीति में कोई बदलाव नहीं होगा, जबकि 24 प्रतिशत ने मौद्रिक नीति के सख्त होने की संभावना जताई है। अगस्त में नीतिगत दर 5.25 प्रतिशत पर बरकरार रखी गई थी और मौद्रिक नीति का रुख तटस्थ रखा गया था। राजकोषीय नीति में भी व्यापक रूप से स्थिरता बने रहने की उम्मीद है। 72 प्रतिशत अर्थशास्त्रियों ने इसमें कोई बदलाव नहीं होने की संभावना जताई, जबकि 22 प्रतिशत ने नीति में ढील की उम्मीद की। 

आउटलुक में कहा गया, “मजबूत आर्थिक वृद्धि और निर्धारित सीमा के भीतर बनी महंगाई, नीतिगत स्थिरता को लेकर सर्वेक्षण में जताई गई उम्मीदों के अनुरूप है।” हालांकि, शेयर बाजार का प्रदर्शन उतना मजबूत नहीं रहा है। इस साल की शुरुआत से 19 अगस्त तक निफ्टी 50 में 7.9 प्रतिशत की गिरावट आई है। 

बेरोजगारी को लेकर 70 प्रतिशत मुख्य अर्थशास्त्रियों को अगले 12 महीनों में कोई बदलाव नहीं होने की उम्मीद है। वहीं, 17 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने बेरोजगारी बढ़ने और 13 प्रतिशत ने इसके घटने की संभावना जताई है। 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों में बेरोजगारी दर जुलाई में 5.1 प्रतिशत से घटकर अगस्त में 5 प्रतिशत हो गई। 

इसी अवधि में श्रम बल भागीदारी दर 55.4 प्रतिशत से बढ़कर 55.6 प्रतिशत हो गई। डब्ल्यूईएफ के सर्वेक्षण के अनुसार, ये आंकड़े मजबूत आर्थिक गतिविधियों के साथ श्रम बाजार में अपेक्षाकृत स्थिर परिस्थितियों की ओर इशारा करते हैं। हालांकि, रोजगार के लगातार सृजन को महत्वपूर्ण बनाए रखना जरूरी है। -आईएएनएस

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