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भारत की अर्थव्यवस्था वित्त वर्ष 27 में 7.1-7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद, निजी निवेश और मांग रहेगी मजबूत

Source : business.khaskhabar.com | Oct 16, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 india economy projected to grow at 71–73 in fy27 private investment and demand to remain robust 853667नई दिल्ली । भारत की अर्थव्यवस्था के वित्त वर्ष 27 में 7.1-7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है, जो इसे दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था बनाता है। इस दौरान देश की जीडीपी को निजी निवेश और घरेलू मांग से सहारा मिलेगा। यह जानकारी डेलॉइट इंडिया की ओर से शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई। 
डेलॉइट ने अपने ताजा 'इकोनॉमिक आउटलुक' में कहा कि पिछले एक दशक में देश की विकास दर को मुख्य रूप से मजबूत घरेलू खपत और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे पर लगातार किए गए खर्च का समर्थन मिला है।
रिपोर्ट में बताया गया है कि बेहतर होते कारोबारी हालात, मजबूत कॉर्पोरेट बैलेंस शीट, बेहतर कनेक्टिविटी और क्षमता के बढ़ते उपयोग से अब एक ऐसा अनुकूल माहौल बन रहा है, जिसमें निजी क्षेत्र का निवेश आर्थिक विस्तार को गति देने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
डेलॉइट इंडिया की अर्थशास्त्री रुमकी मजूमदार ने कहा कि हाल के आर्थिक संकेतक निजी निवेश गतिविधियों में तेजी आने का संकेत दे रहे हैं। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में सकल स्थिर पूंजी निर्माण में 11.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यह पिछले चार वर्षों में सबसे तेज वृद्धि है, जो व्यवसायों के बीच बढ़ते भरोसे को दर्शाती है।
रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 27 में भारत की अर्थव्यवस्था के 7.1 से 7.3 प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है, और इसके बाद वित्त वर्ष 28 में 6.6 से 7.0 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है। निजी पूंजी व्यय में लगातार तेजी आने से मांग का एक अतिरिक्त स्रोत तैयार होने की उम्मीद है। साथ ही, इससे दीर्घकालिक विकास के लिए देश की उत्पादन क्षमता में भी वृद्धि होगी।
डेलॉइट के अनुसार, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, रक्षा विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में निवेश से निजी पूंजी व्यय चक्र और मजबूत हो सकता है। ऐसा इसलिए है क्योंकि इन उद्योगों में शुरुआत में बड़े निवेश की आवश्यकता होती है और ये दीर्घकालिक विकास के अवसर प्रदान करते हैं।
हालांकि, रिपोर्ट में यह चेतावनी भी दी गई है कि भू-राजनीतिक तनाव, वैश्विक ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में रुकावटें आर्थिक दृष्टिकोण के लिए प्रमुख जोखिम बनी हुई हैं। यदि ये समस्याएं और बढ़ती हैं, तो इनका असर विकास की संभावनाओं पर पड़ सकता है।
वित्त वर्ष 27 के लिए डेलॉइट का विकास अनुमान, कई वैश्विक और घरेलू संस्थानों के अनुमानों के काफी करीब है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) ने 7.1 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया है, जबकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ), एशियाई विकास बैंक (एडीबी), एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स और मूडीज ने लगभग 7 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान जताया है।
--आईएएनएस
 

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