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IPO से पहले JSW वन प्लेटफॉर्म्स का बड़ा खुलासा, प्रमोटर्स पर 340 टैक्स विवाद और तीन आपराधिक मामले दर्ज

Source : business.khaskhabar.com | Sep 27, 2026 | businesskhaskhabar.com Market News Rss Feeds
 major disclosure by jsw one platforms ahead of ipo 340 tax disputes and three criminal cases registered against promoters 848288
बिजनेस डेस्क। नई दिल्ली 

आईपीओ से पहले जेएसडब्ल्यू वन प्लेटफॉर्म्स द्वारा दाखिल ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में खुलासा किया गया है कि कंपनी स्वयं पांच कर (टैक्स) संबंधी मामलों का सामना कर रही है, जबकि इसके प्रमोटर्स 340 टैक्स मामलों और तीन आपराधिक मामलों सहित कई कानूनी कार्यवाहियों में शामिल हैं। 

दस्तावेज के अनुसार, प्रमोटर्स से संबंधित लंबित मुकदमों में कुल राशि लगभग 138.95 अरब रुपए की है। ड्राफ्ट दस्तावेज में कहा गया है कि जेएसडब्ल्यू वन प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ पांच कर संबंधी मामले लंबित हैं, जिनमें कुल विवादित राशि 9.57 करोड़ रुपए है। कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसके खिलाफ या उसकी ओर से कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है। 

दस्तावेज के अनुसार, कंपनी की सहयोगी इकाइयों (सब्सिडियरी) के खिलाफ एक आपराधिक मामला और चार कर संबंधी मामले लंबित हैं, जिनमें कुल 1.83 करोड़ रुपए की राशि शामिल है। इसके अलावा सहयोगी कंपनियों द्वारा तीन आपराधिक कार्यवाहियां भी शुरू की गई हैं। 

डीआरएचपी में यह भी बताया गया है कि कंपनी के निदेशकों के खिलाफ तीन मामलों में वैधानिक या नियामकीय प्राधिकरणों द्वारा कार्रवाई की गई है। हालांकि निदेशकों के खिलाफ किसी आपराधिक या टैक्स मामले की जानकारी नहीं दी गई है। सबसे अधिक कानूनी जोखिम कंपनी के प्रमोटर्स से जुड़ा हुआ है। 

दस्तावेज के मुताबिक, प्रमोटर्स के खिलाफ तीन आपराधिक मामले, 340 टैक्स मामले, 36 नियामकीय या वैधानिक कार्रवाइयां, पिछले पांच वित्त वर्षों में सेबी या स्टॉक एक्सचेंजों द्वारा छह अनुशासनात्मक कार्रवाइयां और 11 अन्य महत्वपूर्ण मुकदमे लंबित हैं। इन सभी मामलों से जुड़ी कुल राशि लगभग 138.95 अरब रुपए बताई गई है। 

इसके अलावा, डीआरएचपी में यह भी बताया गया है कि प्रमोटर्स ने स्वयं 210 कानूनी कार्यवाहियां शुरू की हैं, जिनमें लगभग 78.28 अरब रुपए की राशि शामिल है। साथ ही नौ अन्य महत्वपूर्ण मुकदमों का भी उल्लेख किया गया है। 

कंपनी ने कहा है कि उसकी किसी भी समूह कंपनी के खिलाफ फिलहाल ऐसे मामले लंबित नहीं हैं, जिनका कंपनी के कारोबार पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका हो। हालांकि, एक समूह कंपनी का नाम, जिसे दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) प्रक्रिया के तहत अधिग्रहित किया गया था, अभी भी कुछ क्रेडिट सूचना एजेंसियों और निवेशक निगरानी सूची में डिफॉल्टर तथा विलफुल डिफॉल्टर के रूप में दिखाई देता है। 

कंपनी के अनुसार, ये डिफॉल्ट जेएसडब्ल्यू समूह द्वारा अधिग्रहण से पहले की अवधि से संबंधित थे और संबंधित इकाई को अब बैंकों से नो-ड्यूज सर्टिफिकेट प्राप्त हो चुके हैं। कंपनी ने यह भी बताया कि डिफॉल्टर और विलफुल डिफॉल्टर श्रेणी से नाम हटाने के लिए अनुरोध किया गया है। 

ड्राफ्ट दस्तावेजों के अनुसार, जेएसडब्ल्यू स्टील ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के जरिए 811 करोड़ रुपए तक के शेयर बेचेगी, जबकि जेएसडब्ल्यू सीमेंट लगभग 123 करोड़ रुपए मूल्य के शेयरों की बिक्री करेगी। इसके साथ ही, मौजूदा निवेशक मित्सुई एंड कंपनी लिमिटेड भी लगभग 820.01 करोड़ रुपए मूल्य के शेयर बेचने की योजना बना रही है। -आईएएनएस

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