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ई 20 पेट्रोल को ई 10 से बदलने की कोई योजना नहीं, पुराने वाहनों के लिए अलग विकल्प पर चल रही चर्चा: बीपीसीएल

Source : business.khaskhabar.com | Aug 27, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 no plan to replace e20 petrol with e10 discussion on separate option for older vehicles bpcl 840072बिजनेस डेस्क। नई दिल्ली 

भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के चेयरमैन और एमडी संजय खन्ना ने गुरुवार को कहा कि ई20 पेट्रोल को ई10 से बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में जो चर्चा चल रही है, वह केवल इस बात को लेकर है कि क्या पुराने वाहनों के लिए 10 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रित ईंधन का अलग विकल्प उपलब्ध कराया जाना चाहिए। 


कंपनी की वार्षिक आम बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में बीपीसीएल के चेयरमैन ने कहा कि कुछ हलकों में यह बहस चल रही है कि पुराने वाहनों को कम एथेनॉल मिश्रण वाले ईंधन की सुविधा मिलनी चाहिए या नहीं। हालांकि उन्होंने दोहराया कि सरकार की मौजूदा ई20 नीति को वापस लेने या उसे बदलने का कोई प्रस्ताव नहीं है। 

उन्होंने कहा, "मैंने कभी नहीं कहा कि ई20 को ई10 में बदला जाएगा। चर्चा केवल इस बात पर हो रही है कि क्या पुराने वाहनों को कम एथेनॉल मिश्रण वाला ईंधन उपलब्ध कराया जाना चाहिए।" खन्ना ने यह भी कहा कि यदि भविष्य में सरकार एथेनॉल मिश्रण नीति में कोई बदलाव करने का निर्णय लेती है, तो ई20 से ई10 या किसी अन्य मिश्रण पर जाने में बीपीसीएल को कोई बड़ा परिचालन या लॉजिस्टिक संकट नहीं दिखाई देता। हालांकि एक साथ कई ग्रेड के पेट्रोल की आपूर्ति और वितरण को लेकर व्यावहारिक चुनौतियां जरूर मौजूद हैं। 

उन्होंने कहा, "वर्तमान में जिन विकल्पों पर विचार किया जा रहा है, उनमें पुराने वाहनों के लिए ई10 ईंधन उपलब्ध कराना भी शामिल है। लेकिन इसके साथ आपूर्ति और वितरण संबंधी चुनौतियां जुड़ी हुई हैं, क्योंकि एक अतिरिक्त ग्रेड के पेट्रोल को समानांतर रूप से संभालना आसान नहीं होता।" 

गौरतलब है कि ई10 पेट्रोल में 10 प्रतिशत एथेनॉल और 90 प्रतिशत पेट्रोल होता है, जबकि ई20 पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल शामिल होता है। केंद्र सरकार एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम के जरिए पेट्रोलियम आयात पर निर्भरता कम करने, किसानों की आय बढ़ाने और स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने की रणनीति पर काम कर रही है। 

हाल ही में कुछ मीडिया और सोशल मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि वर्ष 2023 से पहले निर्मित वाहन ई20 पेट्रोल के अनुकूल नहीं हैं और वाहन निर्माता कंपनियां भी निजी तौर पर इस ईंधन को लेकर चिंतित हैं। इन दावों के बाद पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने एक आधिकारिक फैक्टशीट जारी कर ऐसी रिपोर्टों का खंडन किया था। 

मंत्रालय ने कहा था कि ई15 से अधिक एथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग पिछले साढ़े तीन वर्षों से और ई19-ई20 ईंधन का उपयोग ढाई वर्षों से अधिक समय से किया जा रहा है। इस अवधि में एथेनॉल मिश्रण के कारण बड़े पैमाने पर इंजन खराब होने या वाहनों में तकनीकी विफलता की कोई प्रमाणित घटना सामने नहीं आई है। 

फैक्टशीट के अनुसार, यदि एथेनॉल मिश्रण वास्तव में इंजनों या ईंधन प्रणालियों को व्यापक नुकसान पहुंचा रहा होता, तो वाहन निर्माताओं को बड़ी संख्या में वारंटी दावे, विशेष सेवा अभियान चलाने पड़ते और उपभोक्ताओं की ओर से व्यापक शिकायतें दर्ज होतीं। लेकिन ऐसा कोई रुझान देखने को नहीं मिला है। -आईएएनएस


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