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अन रजिस्टर्ड ट्रेडिंग और फर्जी रिटर्न के वादों पर NSE सख्त: विक्रम रावत और एवरीडे ट्रेडिंग से निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह

Source : business.khaskhabar.com | Oct 14, 2026 | businesskhaskhabar.com Market News Rss Feeds
 nse cracks down on unregistered trading and fake return promises vikram rawat and everyday trading advise investors to be cautious 853137
बिजनेस डेस्क। मुंबई 

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने सोशल मीडिया के जरिए गैर-कानूनी शेयर बाजार टिप्स और ट्रेडिंग अकाउंट हैंडलिंग की पेशकश करने वालों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार किया है। एक्सचेंज ने विक्रम रावत नामक व्यक्ति और 'एवरीडे ट्रेडिंग' (Everyday Trading) नाम की इकाई को लेकर निवेशकों के लिए सार्वजनिक चेतावनी जारी की है। 

यह व्यक्ति टेलीग्राम चैनल "Zero to Hero Nifty Calls" के माध्यम से निवेशकों को प्रतिभूति बाजार (सिक्योरिटीज मार्केट) से जुड़ी टिप्स दे रहा था और उनके ट्रेडिंग खातों का संचालन करने का लालच दे रहा था। 

एनएसई ने निवेशकों को साफ तौर पर हिदायत दी है कि वे शेयर बाजार में किसी भी प्रकार के अनुमानित, सुनिश्चित या गारंटीड रिटर्न (Assured/Guaranteed Returns) का दावा करने वाली योजनाओं या उत्पादों में निवेश न करें, क्योंकि कानूनन यह पूरी तरह से प्रतिबंधित है। 

एक्सचेंज के प्रमुख दिशा-निर्देश: 

क्रिडेंशियल साझा न करें: निवेशक किसी भी सूरत में अपनी यूजर आईडी, पासवर्ड या गोपनीय ट्रेडिंग क्रेडेंशियल्स किसी अन्य व्यक्ति के साथ साझा न करें। 

रजिस्ट्रेशन की स्थिति: विक्रम रावत और 'एवरीडे ट्रेडिंग' एनएसई के किसी भी पंजीकृत सदस्य के सदस्य या अधिकृत व्यक्ति (ऑथराइज्ड पर्सन) के रूप में पंजीकृत नहीं हैं। 

ब्रोकर और बैंक खाते की पुष्टि: निवेशक किसी भी व्यक्ति या संस्था के साथ वित्तीय लेनदेन करने से पहले एनएसई की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध “Know/Locate your Stock Broker” टूल के जरिए संबंधित ब्रोकर के पंजीकरण और अधिकृत क्लाइंट बैंक खातों की जानकारी अवश्य जांच लें। 

प्रतिबंधित योजनाओं में नुकसान की भरपाई नहीं: 
निवेशक सुरक्षा दायरे से बाहर नियामकीय नियमों के अनुसार, एनएसई ने स्पष्ट किया है कि ऐसे प्रतिबंधित और अनाधिकृत मंचों या योजनाओं में भाग लेना पूरी तरह से निवेशक के अपने जोखिम और खर्च पर निर्भर करता है। 

यदि कोई निवेशक ऐसे दावों के झांसे में आकर विवाद में पड़ता है, तो उसे एक्सचेंज के स्तर पर मिलने वाले कानूनी सुरक्षा उपाय प्राप्त नहीं होंगे। जैसे- एक्सचेंज के अधिकार क्षेत्र के तहत मिलने वाला इन्वेस्टर प्रोटेक्शन फंड का लाभ। एक्सचेंज का विवाद समाधान तंत्र। एक्सचेंज द्वारा संचालित निवेशक शिकायत निवारण प्रणाली।

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