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पर्पल स्टाइल लैब्स की शेयर बाजार में कमजोर शुरुआत, इश्यू प्राइस से करीब 7 प्रतिशत डिस्काउंट पर हुई लिस्टिंग

Source : business.khaskhabar.com | Sep 07, 2026 | businesskhaskhabar.com Market News Rss Feeds
 purple style labs makes a weak debut on the stock market listing at a discount of nearly 7 percent from the issue price 842737
बिजनेस डेस्क। मुंबई 

लग्जरी फैशन और लाइफस्टाइल कंपनी पर्पल स्टाइल लैब्स के शेयरों ने सोमवार को दलाल स्ट्रीट पर कमजोर शुरुआत की, और कंपनी के शेयर अपने 575 रुपए प्रति शेयर के इश्यू प्राइस की तुलना में लगभग 7 प्रतिशत तक की छूट के साथ लिस्ट हुए। वहीं लिस्टिंग के बाद शुरुआती कारोबार में इसमें और गिरावट देखने को मिली। 

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) पर कंपनी के शेयर 539 रुपए पर लिस्ट हुए, जो इश्यू प्राइस से 6.26 प्रतिशत नीचे रहा। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर यह 535 रुपए पर लिस्ट हुआ, जो इश्यू प्राइस से 6.96 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। लिस्टिंग के बाद भी बिकवाली का दबाव जारी रहा। बीएसई पर शेयर शुरुआती कारोबार में 516 रुपए के दिन के निचले स्तर तक फिसल गया, जो इश्यू प्राइस से लगभग 10.26 प्रतिशत कम था। इसी तरह एनएसई पर शेयर 515.85 रुपए तक टूट गया, जो लगभग 10.28 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है। 

विश्लेषकों के अनुसार, कंपनी की कमजोर लिस्टिंग के पीछे बढ़ते घाटे और तेजी से बढ़े कर्ज को प्रमुख कारण माना जा रहा है। कंपनी द्वारा जारी रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में उसका समेकित घाटा बढ़कर 285.40 करोड़ रुपए हो गया, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में यह 188.38 करोड़ रुपए और वित्त वर्ष 2023-24 में 47.71 करोड़ रुपए था। 

कंपनी के कर्ज में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 31 मार्च 2026 तक कुल उधारी बढ़कर 371.40 करोड़ रुपए हो गई, जो एक साल पहले 112.79 करोड़ रुपए थी। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का कुल कर्ज 116.33 करोड़ रुपए था। हालांकि कंपनी की आय में वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2025-26 में कुल आय बढ़कर 567.07 करोड़ रुपए हो गई, जो पिछले वर्ष 494 करोड़ रुपए थी। इसके बावजूद परिचालन लाभ यानी ईबीआईटीडीए घटकर 30.37 करोड़ रुपए रह गया, जो एक वर्ष पहले 41.99 करोड़ रुपए था। इससे संकेत मिलता है कि राजस्व बढ़ने के बावजूद लाभप्रदता पर दबाव बना हुआ है। 

कंपनी के कारोबारी मॉडल को लेकर भी कुछ जोखिम सामने आए हैं। आरएचपी के अनुसार, उसकी प्रमुख ब्रांड पर्नियाज पॉप-अप शॉप के कुल सकल व्यापारिक मूल्य (जीएमवी) का 77.7 प्रतिशत हिस्सा महिला परिधानों से आता है। इस कारण ग्राहकों की पसंद में बदलाव, फैशन ट्रेंड्स का गलत अनुमान या मांग में कमजोरी कंपनी की बिक्री और मुनाफे को प्रभावित कर सकती है। इसके अलावा, कंपनी को पर्निया कुरैशी और संबंधित विक्रेता की ओर से एक लाइसेंस समझौते को समाप्त करने संबंधी नोटिस भी मिला है, जो ब्रांड से जुड़े कुछ अधिकारों से संबंधित है। यह भी निवेशकों की चिंता का कारण बना हुआ है। 
पर्पल स्टाइल लैब्स की विस्तार योजनाओं में नए स्टोर खोलना, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रवेश करना और प्रीमियम फैशन ब्रांड्स के साथ साझेदारी बढ़ाना शामिल है। हालांकि इन योजनाओं के साथ क्रियान्वयन संबंधी जोखिम भी जुड़े हुए हैं। 

कंपनी ने अपने दस्तावेजों में बताया है कि कई डिजाइनर ब्रांड उत्पादों की कीमत खुद तय करते हैं और कई समझौते अनन्य (एक्सक्लूसिव) नहीं हैं। ऐसे में डिजाइनर अन्य प्लेटफॉर्म या सीधे ग्राहकों को भी बिक्री कर सकते हैं, जिससे कंपनी की मूल्य निर्धारण क्षमता प्रभावित हो सकती है। 

गौरतलब है कि कंपनी का 680 करोड़ रुपए का आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) 31 अगस्त से 2 सितंबर तक निवेशकों के लिए खुला था, जिसके लिए 546-575 रुपए प्रति शेयर का प्राइस बैंड निर्धारित किया गया था। -आईएएनएस

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