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RBI ने फेमा उल्लंघन मामले में बीपीटीपी लिमिटेड के खिलाफ कंपाउंडिंग आदेश जारी किया

Source : business.khaskhabar.com | Oct 01, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 the rbi issued a compounding order against bptp limited in a fema violation case 849622
बिजनेस डेस्क। नई दिल्ली 
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने रियल एस्टेट डेवलपर बीपीटीपी लिमिटेड और उसके दो निदेशकों कबीर चावला तथा सुधांशु त्रिपाठी के खिलाफ विदेशी मुद्रा कानून के उल्लंघन से जुड़े मामले में कंपाउंडिंग आदेश जारी किया है। कंपनी ने 2007 और 2008 में हुए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) लेनदेन से जुड़े मामले में कुल 4.84 करोड़ रुपए की कंपाउंडिंग राशि का भुगतान करने पर सहमति जताई है। 

यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के गुरुग्राम जोनल कार्यालय द्वारा बीपीटीपी लिमिटेड, जिसे पहले बिज़नेस पार्क टाउन प्लानर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से जाना जाता था, में मिले एफडीआई की जांच से सामने आया था। जांच में मॉरीशस स्थित सीपीआई इंडिया एल लिमिटेड और हार्बर विक्टोरिया इन्वेस्टमेंट होल्डिंग लिमिटेड से कंपनी को मिले करीब 537.5 करोड़ रुपये के विदेशी निवेश की पड़ताल की गई थी। 

आरबीआई ने कहा, भारतीय रिजर्व बैंक ने 17 सितंबर 2026 को विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा), 1999 की धारा 15(1) तथा इसके तहत बनाए गए नियमों, विनियमों, अधिसूचनाओं और आदेशों के तहत बीपीटीबी लिमिटेड और उसके निदेशकों कबीर चावला तथा सुधांशु त्रिपाठी के मामले में कंपाउंडिंग आदेश जारी किए हैं। 

जांच के अनुसार, बीपीटीबी को 21 अगस्त 2007 को सीपीआई इंडिया एल लिमिटेड से करीब 7.767 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग 322.5 करोड़ रुपये) और 9 जुलाई 2008 को हार्बर विक्टोरिया इन्वेस्टमेंट होल्डिंग लिमिटेड से करीब 4.984 करोड़ अमेरिकी डॉलर (लगभग 215 करोड़ रुपये) प्राप्त हुए थे। 

जांच में पाया गया कि निवेश समझौतों में पुट ऑप्शन और निवेशकों को निश्चित आंतरिक रिटर्न (आईआरआर) देने से संबंधित प्रावधान शामिल थे। उस समय एफडीआई से जुड़े लागू फेमा प्रावधानों के तहत इस तरह की शर्तें अनुमत नहीं थीं। ईडी का आरोप था कि कंपनी ने ऑटोमैटिक रूट के तहत विदेशी निवेश हासिल किया, लेकिन निवेशकों को स्वैप और पुट ऑप्शन व्यवस्था के माध्यम से सुनिश्चित रिटर्न देने की पेशकश की गई थी। 

जांच एजेंसी के अनुसार, इस तरह के समझौते विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 और विदेशी निवेशकों को शेयर जारी करने से संबंधित नियमों एवं विनियमों के प्रावधानों के विपरीत थे। जांच में यह भी सामने आया कि बीपीरटीपी ने सीपीआई इंडिया एल लिमिटेड से प्राप्त विदेशी निवेश में से करीब 320 करोड़ रुपये अपने प्रोजेक्ट्स में लगाने के बजाय फिक्स डिपॉजिट और म्यूचुअल फंड में निवेश किए थे। निवेश समझौते की शर्तों के अनुसार इस राशि का इस्तेमाल कंपनी की परियोजनाओं में किया जाना था। इसे भी फेमा के तहत एक अलग उल्लंघन के रूप में दर्ज किया गया। -आईएएनएस

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