businesskhaskhabar.com

Business News

Home >> Business

ट्रंप का यू-टर्न: 'ग्राहम एक्ट' लागू पर छूट का ऐलान, रूस से तेल खरीद पर भारत-चीन को फिलहाल टैरिफ से राहत

Source : business.khaskhabar.com | Oct 17, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 trumps u turn graham act enacted but waivers granted india and china spared from tariffs on russian oil purchases for now 853869वाशिंगटन । अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी तेल खरीदने वाले देशों को निशाना बनाने वाले एक नए कानून के तहत दंडात्मक शुल्क (टैरिफ) लागू कर दिया है। हालांकि, उन्होंने एक ही आदेश में इस शुल्क को तुरंत निलंबित (वेव) भी कर दिया। इसके चलते भारत और चीन जैसे देशों पर 100 प्रतिशत का भारी-भरकम आयात शुल्क लगने से बच गया है। यह फैसला उस समय आया है जब अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो भारत दौरे पर रवाना हो रहे हैं।
 
व्हाइट हाउस की ओर से शुक्रवार देर रात जारी किए गए इस आदेश के जरिए 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शन्स रशिया एंड ईरान एक्ट 2026' को लागू किया गया। ट्रंप ने इस कानून पर 18 सितंबर को हस्ताक्षर किए थे। कानून के मुताबिक, रूस से तेल और गैस खरीदने वाले सबसे बड़े देशों पर 30 दिनों के भीतर 100 प्रत‍िशत तक अतिरिक्त शुल्क लगाया जाना था। इसकी समयसीमा 18 अक्टूबर को पूरी हो रही है।
आदेश के अनुसार, अगर कोई देश 18 अक्टूबर 2026 या उसके बाद रूस से नया कच्चा तेल या प्राकृतिक गैस खरीदता है, तो रूसी तेल और गैस के पांच सबसे बड़े आयातकों से आने वाले सामान पर 100 प्रत‍िशत अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है।
इसी तरह, रूस पर लगे तेल प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले शीर्ष पांच देशों या संस्थाओं के सामान पर भी 100 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रावधान है। वहीं, रूस से आने वाले सामान पर शुल्क 500 प्रत‍िशत तक बढ़ाने की बात भी कही गई है।
लेकिन आदेश की धारा 4 में इन सभी उपायों को तुरंत निलंबित कर दिया गया। ट्रंप ने लिखा, "मैं इसके द्वारा ग्राहम एक्ट की धारा 112 और 113, या इस आदेश के तहत लगाए गए किसी भी शुल्क को माफ करता हूं।"
इसके अलावा, इस कानून के तहत विदेशी व्यक्तियों और संस्थाओं पर लगने वाले ज्यादातर प्रतिबंधों को भी छूट दे दी गई है।
आदेश में कहा गया है कि यह छूट तब तक जारी रहेगी, जब तक राष्ट्रपति या विदेश मंत्री, वित्त मंत्री और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि से सलाह-मशविरा करने के बाद यह न तय कर लें कि आगे और कार्रवाई की जरूरत है। हालांकि, आदेश में किसी भी देश का नाम नहीं लिया गया है।
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस को वह लिखित प्रमाणन भेज दिया है, जिसकी इस कानून में जरूरत थी। इसमें कहा गया है कि यह छूट अमेरिका के राष्ट्रीय हित में है। साथ ही एक रिपोर्ट भी भेजी गई है जिसमें इस फैसले के कारण बताए गए हैं। हालांकि, न तो प्रमाणन और न ही रिपोर्ट सार्वजनिक की गई है।
फिर भी दबाव पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि को विदेश, वित्त और ऊर्जा विभागों के साथ मिलकर यह निगरानी करने का निर्देश दिया गया है कि कौन-कौन से देश रूस से तेल और गैस खरीद रहे हैं। अगर भविष्य में किसी कार्रवाई की जरूरत महसूस होती है, तो इसकी जानकारी राष्ट्रपति को दी जाएगी।
व्यापार प्रतिनिधि को यह भी बताना होगा कि रूस पर लगे तेल प्रतिबंधों से बचने में मदद करने वाले शीर्ष पांच देश कौन हैं। यह आदेश रूस पर पहले से लागू अमेरिकी प्रतिबंधों को नहीं बदलता। आदेश में साफ कहा गया है कि रूस से जुड़े मौजूदा प्रतिबंध और अन्य दंडात्मक उपाय पहले की तरह लागू रहेंगे।
इसके अलावा, इस कानून के तहत राष्ट्रपति की कई शक्तियां विदेश मंत्री, वित्त मंत्री, व्यापार प्रतिनिधि और ऊर्जा मंत्री को सौंप दी गई हैं। इनमें छूट देने का अधिकार भी शामिल है, जो अब विदेश मंत्री के पास होगा।
भारत रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले सबसे बड़े देशों में शामिल है। फरवरी में अमेरिका ने भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रत‍िशत शुल्क हटा दिया था, जो रूस से तेल खरीदने के कारण जुड़ा हुआ था। उसी समझौते के तहत भारतीय सामान पर अमेरिकी पारस्परिक टैरिफ भी 25 प्रत‍िशत से घटाकर 18 प्रत‍िशत कर दिया गया था। दोनों देश फिलहाल व्यापार समझौते के पहले चरण को अंतिम रूप देने के करीब हैं।
गुरुवार को अमेरिकी लॉमेकर माइकल मैककॉल (रिपब्लिकन) और जिम कोस्टा (डेमोक्रेट) ने ट्रंप को एक संयुक्त पत्र लिखकर कानून को पूरी तरह लागू करने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि अगर कोई छूट दी जाए तो वह सीमित समय के लिए हो और रूस को मिल रहे समर्थन में वास्तविक कमी से जुड़ी हो। लेकिन शुक्रवार के आदेश में दी गई छूट की कोई तय समयसीमा नहीं रखी गई है।
मार्को रुबियो 17 से 22 अक्टूबर के बीच समरकंद, मुंबई और जामनगर का दौरा करेंगे। 20 अक्टूबर को मुंबई में उनकी विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक होने वाली है। इसके अलावा वह दुनिया के सबसे बड़े रिफाइनरी परिसरों में से एक जामनगर रिफाइनरी कॉम्प्लेक्स का भी दौरा करेंगे।
--आईएएनएस

[@ मंदिर में ना करें ये गलतियां, वरना...]


[@ Pics: जब "बुलेटरानी" बनकर आई दुल्हन और...]


[@ शिमला मिर्च के सेहतभरे लाभ]


Headlines