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भारत के कंज्यूमर और रिटेल क्षेत्र में तीसरी तिमाही में हुईं 127 डील्स, वैल्यू 1.92 अरब डॉलर रही

Source : business.khaskhabar.com | Oct 26, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 127 deals recorded in india consumer and retail sector in q3 valued at $192 billion 856240नई दिल्ली । भारत के कंज्यूमर और रिटेल क्षेत्र में 2026 की तीसरी तिमाही में 127 डील्स रिकॉर्ड की गई हैं और इनकी वैल्यू करीब 1.92 अरब डॉलर रही। इसमें विलय और अधिग्रहण (एमएंडए), प्राइवेट इक्विटी एवं वेंच कैपिटल (पीईएंडवीसी) और पब्लिक मार्केट लेनदेन शामिल हैं। यह जानकारी सोमवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई।  
ग्रांट थॉर्नटन भारत की एक रिपोर्ट के अनुसार, आईपीओ और क्यूआईपी को छोड़कर, एमएंडए और पीई/वीसी की ओर से कंज्यूमर और रिटेल क्षेत्र में 113 डील्स की गई हैं, जिनका कुल मूल्य 94.8 करोड़ डॉलर रहा। पिछली तिमाही की तुलना में, डील्स की संख्या में 19 प्रतिशत और उनके कुल मूल्य में 3 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
आईपीओ और क्यूआईपी का योगदान 97.5 करोड़ डॉलर रहा, जो कुल डील वैल्यू का 51 प्रतिशत है। वहीं, निवेशकों की दिलचस्पी मुख्य रूप से ब्रांडेड कंज्यूमर व्यवसायों, खासकर ज्वेलरी, कपड़े और लाइफस्टाइल से जुड़े क्षेत्रों में बनी रही।
2026 की तीसरी तिमाही में एमएंडए गतिविधियों के तहत 22.9 करोड़ डॉलर मूल्य की 29 डील्स हुईं, जबकि दूसरी तिमाही में 17.9 करोड़ डॉलर मूल्य की 19 डील्स हुई थीं।
घरेलू डील्स की संख्या कुल डील्स का 76 प्रतिशत और उनका कुल मूल्य 86 प्रतिशत रहा, जो भारतीय रणनीतिक खरीदारों द्वारा किए जा रहे एकीकरण को दर्शाता है।
कपड़ा, परिधान और आभूषण क्षेत्र का एमएंडए मूल्य में 59 प्रतिशत योगदान रहा। पर्सनल केयर और एफएमसीजी क्षेत्रों में भी रणनीतिक खरीदारों ने दिलचस्पी दिखाई, क्योंकि वे अपने पोर्टफोलियो को मजबूत करना चाहते थे।
पीईएंडवीसी गतिविधियां डील्स में सबसे बड़ा योगदान देने वाली रहीं। इसमें 71.9 करोड़ डॉलर मूल्य के 84 सौदे हुए, जो कुल डील्स की संख्या का 74 प्रतिशत और एमएंडए और पीई/वीसी डील्स के कुल मूल्य का 76 प्रतिशत है।
इसके अलावा, वॉल्यूम के हिसाब से निवेश गतिविधियों में तिमाही-दर-तिमाही 11 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिसमें अर्ली-स्टेज और मिड-मार्केट के डील्स ने मुख्य भूमिका निभाई।
रिपोर्ट के अनुसार, रिटेल टेक्नोलॉजी क्षेत्र में सबसे अधिक निवेश आया।
पर्सनल केयर सेगमेंट में डील्स के मूल्य में छह गुना वृद्धि दर्ज की गई, जबकि ई-कॉमर्स, 2024 की चौथी तिमाही के बाद पहली बार, वॉल्यूम के लिहाज से सबसे सक्रिय सेगमेंट बनकर उभरा।
तीसरी के दौरान पब्लिक मार्केट की गतिविधियों में तेजी आई; नौ आईपीओ के जरिए 71.3 करोड़ डॉलर और पांच क्यूआईपी के जरिए 26.2 करोड़ डॉलर जुटाए गए।
ग्रांट थॉर्नटन भारत के पार्टनर और कंज्यूमर, रिटेल एवं ई-कॉमर्स इंडस्ट्री लीडर, नवीन मलपानी ने कहा, "भारत की कंजम्पशन स्टोरी निवेशकों को लगातार आकर्षित कर रही है। हालांकि, अब पूंजी मुख्य रूप से उन व्यवसायों की ओर जा रही है जिनके पास अलग ब्रांड, मजबूत कैटेगरी पोजिशनिंग और मुनाफे के साथ कारोबार बढ़ाने (स्केल करने) की क्षमता है।"
सेक्टर के हिसाब से देखें तो, पर्सनल केयर और एफएमसीजी में कुल डील्स की संख्या 12 से बढ़कर 20 हो गई, और इनमें पीई निवेश का मूल्य छह गुना बढ़ गया। वहीं, ई-कॉमर्स में 17 पीई डील्स हुईं, जिनमें वॉल्यूम के आधार पर 42 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
--आईएएनएस
 

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