अदाणी ग्रुप की एएनडीपीएल धारावी में करेगी 40 हजार पेड़ों का कायाकल्प, बनाएगी 3.3 किलोमीटर लंबा मीठी नदी रिवरफ्रंट
Source : business.khaskhabar.com | Aug 04, 2026 | 

मुंबई । मुंबई के सबसे घनी आबादी वाले इलाकों में शामिल धारावी को अधिक हरित और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। धारावी पुनर्विकास परियोजना (डीआरपी) के तहत मीठी नदी के पुनर्जीवन को केंद्र में रखते हुए एक नया ग्रीन-ब्लू नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य पर्यावरण में सुधार करना और स्थानीय लोगों के लिए अधिक स्वस्थ एवं बेहतर सार्वजनिक स्थान उपलब्ध कराना है। इसकी घोषणा सोमवार को अदाणी ग्रुप की कंपनी एएनडीपीएल ने की।
इस योजना के तहत धारावी क्षेत्र में चरणबद्ध तरीके से करीब 40,000 पेड़ों का कायाकल्प (रिजुवनेशन) किया जाएगा। इसके अलावा मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में लगभग 2 लाख प्रतिपूरक पौधे लगाए जाएंगे, जिससे शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने में मदद मिल सके।
धारावी पुनर्विकास परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में 3.3 किलोमीटर लंबा सार्वजनिक रिवरफ्रंट मार्ग शामिल है, जिसे पुनर्जीवित मीठी नदी के किनारे माटुंगा कलवर्ट से लेकर मीठी नदी तट तक विकसित किया जाएगा।
यह रिवरफ्रंट मुंबई के सभी नागरिकों के लिए खुला रहेगा। यहां देखने के लिए डेक, कैफे और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए विशेष स्थान विकसित किए जाएंगे। साथ ही, नदी के प्राकृतिक और पारिस्थितिक स्वरूप का संरक्षण और संवर्धन भी सुनिश्चित किया जाएगा।
अदाणी नवभारत डेवलपर्स प्राइवेट लिमिटेड (एएनडीपीएल) के एक अधिकारी ने बताया कि रिवरफ्रंट के किनारों पर स्थानीय प्रजातियों के पेड़ और प्रदूषण को अवशोषित करने वाली वनस्पतियां लगाई जाएंगी। इसके साथ ही वर्षा जल निकासी को बेहतर बनाने, भूजल स्तर को बढ़ाने और नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को दीर्घकालिक रूप से सुरक्षित रखने के लिए जल पारगम्य फर्श तथा जैविक जल निकासी नालियों का भी निर्माण किया जाएगा।
एएनडीपीएल, धारावी पुनर्विकास परियोजना के क्रियान्वयन के लिए गठित एक विशेष प्रयोजन कंपनी है, जिसमें महाराष्ट्र सरकार और अदाणी समूह की साझेदारी है।
यह रिवरफ्रंट परियोजना धारावी में विकसित किए जा रहे व्यापक हरित नेटवर्क से भी जुड़ी होगी। इसमें 15 मीटर चौड़ा हरित गलियारा, जहां पैदल यात्री और साइकिल चालक आसानी से आवागमन कर सकेंगे, एक विशाल केंद्रीय उद्यान तथा विभिन्न इलाकों में विकसित किए जाने वाले कई पड़ोस उद्यान शामिल हैं।
अधिकारी ने आगे कहा कि इन सभी हरित स्थलों को एक-दूसरे से जोड़कर विकसित किया जाएगा। पुनर्जीवित मीठी नदी के साथ मिलकर यह नेटवर्क वायु प्रवाह को बेहतर बनाएगा, शहरी क्षेत्रों में बढ़ते तापमान के प्रभाव को कम करेगा और नागरिकों को अधिक स्वच्छ, स्वस्थ तथा सुलभ सार्वजनिक स्थान उपलब्ध कराएगा।
पेड़ों के रोपण और उनके रखरखाव की जिम्मेदारी टेराकॉन पर्यावरण परामर्श संस्था को सौंपी गई है। यह संस्था वैज्ञानिक तरीके से पौधारोपण, सिंचाई, संरक्षण और पांच वर्षों तक रखरखाव का कार्य करेगी, ताकि पौधों के जीवित रहने की दर अधिकतम हो सके।
संस्था को वनीकरण कार्यक्रम के तहत प्रत्येक छह माह में पौधों की स्थिति और जीवित रहने की अनिवार्य रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी। पौधारोपण और रखरखाव का पूरा खर्च एएनडीपीएल वहन करेगी।
अधिकारी ने बताया कि बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की सीमा में पर्याप्त भूमि उपलब्ध नहीं होने के कारण पालघर जिले के चहाड़े गांव में पहले ही 30 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं। परियोजना का लक्ष्य इस मानसून के दौरान करीब 75 हजार पौधे लगाने का है।
--आईएएनएस
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