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आंध्र प्रदेश ने 1.27 लाख करोड़ रुपए का स्व-राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया

Source : business.khaskhabar.com | May 15, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 andhra pradesh sets self revenue target of ₹127 lakh crore 813787अमरावती । आंध्र प्रदेश सरकार ने चालू वित्त वर्ष में 1.27 लाख करोड़ रुपए का राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया है। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने गुरुवार को सभी राजस्व अर्जित करने वाले विभागों को राज्य के स्व-राजस्व को बढ़ाने के प्रयासों को तेज करने और लंबित केंद्रीय निधियों को प्राप्त करने के लिए सक्रिय रूप से प्रयास करने का निर्देश दिया।
 
अमरावती स्थित सचिवालय में प्रमुख राजस्व विभागों के प्रदर्शन की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आंध्र प्रदेश को बढ़ते निवेश को उच्च कर राजस्व और सतत आर्थिक विकास में परिवर्तित करना होगा।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को सूचित किया कि राज्य का स्व-राजस्व 2024-25 में 1,04,345 करोड़ रुपए से बढ़कर 2025-26 में 1,10,643 करोड़ रुपए हो गया है, जो 6 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
प्रमुख योगदानों में वस्तु एवं सेवा कर से 33,679 करोड़ रुपए, खान विभाग से 10,300 करोड़ रुपए और स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग से 11,047 करोड़ रुपए शामिल हैं। 2026-27 के लिए, राज्य ने 1,27,506 करोड़ रुपए का महत्वाकांक्षी राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया है।
एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि वाणिज्यिक कर, उत्पाद शुल्क, खान, परिवहन और पंजीकरण सहित सभी राजस्व अर्जित करने वाले विभागों को पूरी क्षमता से कार्य करना चाहिए और राजस्व के किसी भी प्रकार के रिसाव को रोकना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भूमि विवादों, विशेष रूप से धारा 22ए से संबंधित संपत्तियों के मुद्दों को हल करने से पंजीकरण राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।
उन्होंने कहा कि निवेश बढ़ने के साथ, कर राजस्व में भी आनुपातिक वृद्धि होनी चाहिए और यह भी बताया कि राज्य ने चालू वित्त वर्ष के पहले 42 दिनों में ही लगभग 38 प्रतिशत राजस्व वृद्धि दर्ज की है।
मुख्यमंत्री ने जिलों को 'विकास केंद्र' बताते हुए कहा कि जिला स्तर पर आर्थिक विस्तार से आंध्र प्रदेश को राज्यव्यापी राजस्व लक्ष्यों को तेजी से हासिल करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने विभागों से नवोन्मेषी प्रणालियों को अपनाने, कामकाज की गति बढ़ाने और कर चोरी एवं अनियमितताओं को समाप्त करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने का आग्रह किया।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने विभागों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) जांच प्रणाली लागू करने, विश्लेषण को मजबूत करने और करदाताओं को परेशान किए बिना कर रिसाव की पहचान करने और अनुपालन में सुधार करने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने का निर्देश दिया।
--आईएएनएस
 

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