businesskhaskhabar.com

Business News

Home >> Business

भारत की 'नई औद्योगिक क्रांति' में घरेलू बाजार निभाएगा अहम भूमिका, निजी क्षेत्र की बढ़ेगी हिस्सेदारी: जेफरीज

Source : business.khaskhabar.com | Sep 10, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 domestic market will play a key role in india new industrial revolution private sector share will increase jefferies 843539नई दिल्ली । ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंक जेफरीज ने कहा कि भारत की 'नई औद्योगिक क्रांति' में घरेलू बाजार अहम भूमिका निभाएगा। इस दौरान स्पेस, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर्स, इलेक्ट्रोनिक्स,सोलर मैन्युफैक्चरिंग और एयरोस्पेस सेक्टर में तेज ग्रोथ और सरकारी नीतिगत समर्थन से निजी क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़ेगी।  
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में घरेलू स्तर पर बड़े मौकों, प्राइवेट सेक्टर की बढ़ती भागीदारी और सरकार के सहयोग से नए उद्योगों का विस्तार हो रहा है, साथ ही घरेलू क्षमता और वैश्विक प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है।
जेफरीज की रिपोर्ट खास तौर पर इन उभरते सेक्टर में ग्रोथ को बढ़ावा देने वाले कुछ अहम कदमों का जिक्र किया गया है, जिसमें प्राइवेट कंपनियों के लिए स्पेस सेक्टर खोलना, डेटा सेंटरों के लिए टैक्स में छूट, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और सोलर के लिए इंसेंटिव स्कीम, लोकलाइजेशन के उपाय और सरकार द्वारा जीपीयू की खरीद जैसे उपाय शामिल हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है जो अंतरिक्ष के क्षेत्र में काम कर रहे हैं और क्षमताएं वैश्विक स्तर पर मुकाबला करने लायक हैं।
भारत का लक्ष्य अपने स्पेस सेक्टर को 2030 तक 5 गुना बढ़ाकर 40-45 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का है, जिसमें स्काईरूट, पिक्सेल और अग्निकुल जैसी निजी कंपनियां कमर्शियल कामकाज की ओर बढ़ रही हैं।
सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में, भारत का प्रयास अब पॉलिसी से आगे बढ़कर काम को असल रूप देने की ओर बढ़ रहा है। इसमें लगभग 20 बिलियन डॉलर का निवेश, एक चिप फैब का निर्माण और कई ओएसएटी प्रोजेक्ट्स में प्रोडक्शन शुरू होना शामिल है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि 13 बिलियन डॉलर का एक और इंसेंटिव प्लान सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को और मजबूत करेगा।
इसके अलावा, भारत की डेटा सेंटर क्षमता पांच वर्षों में 5 गुना बढ़कर 2 गीगावाट हो गई है और अगले पांच वर्षों में इसके 10 गीगावाट तक पहुंचने की उम्मीद है, जिससे पावर, कूलिंग, कंस्ट्रक्शन और नेटवर्क के क्षेत्रों में 45 बिलियन डॉलर के निवेश का मौका बनेगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के मामले में, भारत अब सिर्फ असेंबली से आगे बढ़कर ज्यादा घरेलू वैल्यू एडिशन और कंपोनेंट मैन्युफैक्चरिंग की ओर बढ़ रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, उम्मीद है कि अगले 6 सालों में मोबाइल कंपोनेंट्स में घरेलू वैल्यू एडिशन 20 प्रतिशत से कम से बढ़कर लगभग 50 प्रतिशत हो जाएगा।
भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा सोलर पीवी मैन्युफैक्चरर बन गया है, जिसकी 35 गीगावाट सेल क्षमता चालू है और 100 गीगावाट क्षमता पर काम चल रहा है।
जेफरीज का अनुमान है कि 2030 तक सोलर वैल्यू चेन का 90 प्रतिशत हिस्सा स्थानीय स्तर पर बनने लगेगा।
किफायती मैन्युफैक्चरिंग और इंजीनियरिंग टैलेंट की वजह से, ग्लोबल एयरोस्पेस सेक्टर में डिमांड और सप्लाई के असंतुलन का फायदा भी भारत को मिल रहा है।
रिपोर्ट में बताया गया कि बोइंग और एयरबस पहले से ही भारत से सालाना 1.4-1.6 अरब डॉलर का सामान ले रहे हैं, जबकि भारतीय कंपनियां ग्लोबल ओईएम और टियर-1 कंपनियों को सप्लाई कर रही हैं।
--आईएएनएस
 

[@ फिल्म का ट्रेलर ही 7 घंटे का तो पूरी फिल्म....]


[@ सुनील दत्त के कारण मिला बॉलीवुड को मशहूर कॉमेडियन जॉनी लीवर]


[@ सजा-ए-मौत से बचने के लिए जेल में हुई प्रेग्नेंट]


Headlines