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रिकॉर्ड 2 लाख करोड़ रुपए पर पहुंचा नेट एसआईपी प्रवाह, खाता बंद होने में बढ़ोतरी के बावजूद निवेशकों का भरोसा कायम

Source : business.khaskhabar.com | Sep 10, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 net sip inflows reach a record ₹2 lakh crore investor confidence remains intact despite rising account closures 843535नई दिल्ली । शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और एसआईपी खातों के बंद होने की संख्या बढ़ने के बावजूद वित्त वर्ष 2025-26 में म्यूचुअल फंड्स में नेट सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (एसआईपी) निवेश रिकॉर्ड 2 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया। भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है और इससे स्पष्ट होता है कि खुदरा निवेशकों का दीर्घकालिक निवेश दृष्टिकोण मजबूत बना हुआ है। 
वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान म्यूचुअल फंड उद्योग में कुल 3.5 लाख करोड़ रुपए का सकल एसआईपी निवेश दर्ज किया गया, जिसमें से लगभग 56 प्रतिशत हिस्सा नेट एसआईपी प्रवाह के रूप में रहा, जो पिछले कम से कम तीन वर्षों में सबसे अधिक है। वित्त वर्ष 2024-25 में यह अनुपात 54 प्रतिशत था।
नेट एसआईपी प्रवाह की गणना सकल निवेश में से निकासी (रिडेम्प्शन) घटाने के बाद की जाती है, जबकि भारतीय म्यूचुअल फंड संघ यानी एम्फी (एएमएफआई) द्वारा जारी मासिक एसआईपी आंकड़े सकल निवेश को दर्शाते हैं।
सेबी के आंकड़ों से पता चलता है कि वित्त वर्ष 2025-26 में एसआईपी खातों के बंद होने की संख्या बढ़ी जरूर, लेकिन इसका असर निकासी में उसी अनुपात में नहीं दिखा। सकल और शुद्ध एसआईपी आंकड़ों के आधार पर, पूरे वर्ष में एसआईपी के माध्यम से कुल निकासी करीब 1.5 लाख करोड़ रुपए रही।
हालांकि यह वित्त वर्ष 2024-25 के लगभग 1.3 लाख करोड़ रुपए की तुलना में करीब 15 प्रतिशत अधिक थी, फिर भी पिछले तीन वर्षों में निकासी वृद्धि की यह सबसे धीमी दर रही। इससे पहले वित्त वर्ष 2023-24 में एसआईपी निकासी 57 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2024-25 में 18 प्रतिशत बढ़ी थी।
म्यूचुअल फंड उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि खुदरा निवेशकों का व्यवहार अब पहले की तुलना में अधिक परिपक्व हुआ है। बाजार में अस्थिरता के दौरान भी बड़ी संख्या में निवेशक अपने एसआईपी निवेश जारी रख रहे हैं और अल्पकालिक गिरावट के कारण निवेश से बाहर निकलने से बच रहे हैं। यही कारण है कि बाजार की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद नेट एसआईपी प्रवाह रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सका।
हालांकि बाजार में उतार-चढ़ाव का असर नए एसआईपी खातों के जुड़ने की गति पर दिखाई दिया। वित्त वर्ष 2025-26 में एसआईपी खातों की संख्या में केवल 40 लाख की शुद्ध वृद्धि हुई, जबकि वित्त वर्ष 2024-25 में लगभग 1.7 करोड़ नए खाते जुड़े थे। इससे संकेत मिलता है कि नए निवेशकों की भागीदारी की गति कुछ धीमी हुई है, लेकिन मौजूदा निवेशकों का भरोसा बरकरार है।
रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2024 से शेयर बाजार में लगातार अस्थिरता बनी हुई है। मार्च 2026 तक के दो वर्षों में निफ्टी 50 में 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 250 लगभग स्थिर रहा। वहीं निफ्टी मिडकैप 150 ने इसी अवधि में करीब 6 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की।
--आईएएनएस
 

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