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भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में तीसरी तिमाही में 33 सौदे हुए, वैल्यू 1.7 अरब डॉलर रही

Source : business.khaskhabar.com | Oct 21, 2026 | businesskhaskhabar.com Automobile News Rss Feeds
 india automobile sector sees 33 deals worth $17 billion in the third quarter 854929नई दिल्ली । भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर में 2026 की तीसरी तिमाही में 1.7 अरब डॉलर के 33 सौदे दर्ज किए गए। यह पिछली तिमाही के 71.7 करोड़ डॉलर के 20 सौदों से काफी अधिक है। इस वृद्धि के पीछे विलय एवं अधिग्रहण (एमएंडए), निजी पूंजी निवेश और सार्वजनिक बाजार से दोबारा धन जुटाने की गतिविधियों में तेजी प्रमुख कारण रहे। यह जानकारी बुधवार को जारी एक रिपोर्ट में दी गई। 
ग्रांट थॉर्नटन भारत की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछली तिमाही की तुलना में सौदों की संख्या में 65 प्रतिशत और उनके कुल मूल्य में 131 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) की ओर बदलाव निवेश का प्रमुख विषय बना रहा। निवेशकों ने ईवी निर्माताओं, बैटरी तकनीक, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, मोबिलिटी प्लेटफॉर्म और ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों में पूंजी लगाई।
रिपोर्ट में कहा गया कि निवेशकों ने ऐसी कंपनियों को प्राथमिकता देना जारी रखा, जिनका कारोबारी मॉडल बड़े स्तर पर विस्तार करने में सक्षम है, जिनके पास अलग पहचान वाली तकनीक है और जो भारत के बदलते मोबिलिटी इकोसिस्टम में मजबूत स्थिति रखती हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, विलय एवं अधिग्रहण (एमएंडए) और प्राइवेट इक्विटी या वेंचर कैपिटल (पीई/वीसी) गतिविधियों के तहत कुल 808 मिलियन डॉलर के 28 सौदे हुए।
इस तिमाही के आंकड़े ऐसे समय में मोबिलिटी और इलेक्ट्रिफिकेशन के दीर्घकालिक अवसरों में निवेशकों के निरंतर भरोसे को दर्शाते हैं, जब फंडिंग के मामले में निवेशक चुनिंदा कंपनियों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
ग्रांट थॉर्नटन भारत में ऑटोमोटिव एवं ईवी इंडस्ट्री के लीडर और पार्टनर साकेत मेहरा ने कहा, "ऑटोमोबाइल सेक्टर निवेश के एक नए चक्र में प्रवेश कर रहा है, जो मोबिलिटी के क्षेत्र में हो रहे बदलावों से प्रेरित है। अब पूंजी केवल वाहन निर्माताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि बैटरी, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी और मोबिलिटी प्लेटफॉर्म सहित पूरे इकोसिस्टम में तेजी से निवेश किया जा रहा है।"
मेहरा के अनुसार, यह रुझान दर्शाता है कि निवेशक भारत में मोबिलिटी क्षेत्र की वृद्धि के अगले चरण को समर्थन देने के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर और क्षमताओं को विकसित करने वाली कंपनियों में निवेश कर रहे हैं।
इसके अलावा, 2026 की तीसरी तिमाही में एमएंडए गतिविधियों के तहत 389 मिलियन डॉलर के 12 सौदे हुए, जबकि पिछली तिमाही में 138 मिलियन डॉलर के पांच सौदे दर्ज किए गए थे।
घरेलू सौदे गतिविधियों के प्रमुख चालक बने रहे। कुल सौदों की संख्या में इनकी हिस्सेदारी 75 प्रतिशत और कुल सौदा मूल्य में 87 प्रतिशत रही।
रणनीतिक निवेश मुख्य रूप से ईवी निर्माताओं, मोबिलिटी प्लेटफॉर्म, ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी कंपनियों और ऑटो कंपोनेंट निर्माताओं में केंद्रित रहा। यह रुझान संबंधित क्षमताओं के अधिग्रहण और मोबिलिटी इकोसिस्टम में दीर्घकालिक स्थिति मजबूत करने पर बढ़ते जोर को दर्शाता है।
--आईएएनएस
 

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