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भारतीय रेलवे ने अतिरिक्त होमिंग सुविधाएं बनाने के लिए 175 करोड़ रुपए की परियोजना को दी मंजूरी 

Source : business.khaskhabar.com | July 11, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 indian railways approves ₹175 crore project to build additional homing facilities 828001नई दिल्ली । भारतीय रेलवे ने रायपुर में 250 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए अतिरिक्त होमिंग सुविधाएं बनाने के लिए 175 करोड़ रुपए की परियोजना को मंजूरी दी है। यह जानकारी रेल मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को दी गई। 
रेल मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि यह लोकोमोटिव रखरखाव अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके अंतर्गत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) के रायपुर स्थित हाई हॉर्स पावर (एचएचपी) डीजल शेड में 250 थ्री फेज इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के लिए अतिरिक्त होमिंग सुविधाएं बनाने के उद्देश्‍य से 175 करोड़ रुपए की परियोजना को मंजूरी दी गई है।
होमिंग का मतलब किसी लोकोमोटिव को एक निर्दिष्ट लोकोमोटिव शेड में जगह देने से है, जो उसके प्राथमिक रखरखाव केंद्र के रूप में कार्य करता है। होमिंग शेड की सुविधा लोकोमोटिव के निर्धारित रखरखाव, सुरक्षा निरीक्षण, मरम्मत और समग्र देखभाल के लिए होती है ताकि उसका सुरक्षित और कुशल संचालन सुनिश्चित हो सके।
यह परियोजना भारतीय रेलवे द्वारा इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव बेड़े के तेजी से विस्तार और पूरे नेटवर्क में माल ढुलाई तथा यात्री परिचालन में वृद्धि के अनुरूप रखरखाव बुनियादी ढांचे को बढ़ाने की दिशा में चल रहे प्रयासों के तहत स्वीकृत की गई है।
इन अतिरिक्त होमिंग सुविधाओं से भारतीय रेलवे को रायपुर डिपो में मौजूदा बुनियादी ढांचे का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलेगी, साथ ही भविष्य में तकनीकी विस्तार के लिए आवश्यक स्थान भी उपलब्ध होगा।
इसके अतिरिक्त, इस महीने की शुरुआत में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम बहुत तेजी से चल रहा है। अगले साल सूरत से बिलिमोरा तक का पहला सेक्शन चालू हो जाएगा, इसके बाद वापी से सूरत वाला सेक्शन शुरू होगा। फिर वापी से अहमदाबाद वाला सेक्शन पूरा किया जाएगा। इसके बाद अहमदाबाद से ठाणे और आखिर में अहमदाबाद से मुंबई वाले सेक्शन पर काम होगा। 
उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट 2029 तक अलग-अलग सेक्शन और चरणों में पूरा हो जाएगा। गुजरात इलाके में लगभग 80 प्रतिशत काम पहले ही पूरा हो चुका है।
उन्होंने कहा, "शहर के अंदर बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य बहुत जटिल है। कई जगहों पर रेलवे ट्रैक को पार करना होगा और कई स्थानों पर मौजूदा रेलवे लाइनों के ऊपर बने फ्लाईओवर को भी पार करना होगा। कई जगहों पर डबल क्रॉसिंग की जरूरत है, जिससे यह तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण हो जाता है।"
--आईएएनएस
 

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