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एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारत के जीसीसी इकोसिस्टम का सबसे बड़ा भागीदार बना जापान, 100 से अधिक सेंटर स्थापित

Source : business.khaskhabar.com | July 04, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 japan emerges as largest partner in india gcc ecosystem in asia pacific over 100 centers established 826308नई दिल्ली । शुक्रवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, जापान एशिया-प्रशांत (एपीएसी) क्षेत्र में भारत के ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) इकोसिस्टम का सबसे बड़ा भागीदार बनकर उभरा है। जापानी कंपनियां भारत में 100 से अधिक जीसीसी स्थापित कर चुकी हैं और ये सेंटर अब इंजीनियरिंग, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और प्रोडक्ट इनोवेशन के प्रमुख केंद्र बनते जा रहे हैं। 
डेलॉइट इंडिया की "इंडियाज स्ट्रेटेजिक जीसीसी प्ले फॉर जापानीज इंटरप्राइजेज" नामक रिपोर्ट के अनुसार, जापानी कंपनियां एनोवेशन-आधारित और क्षमता-केंद्रित विकास को गति देने के लिए भारत में अपने जीसीसी नेटवर्क का तेजी से विस्तार कर रही हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, ये सेंटर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), एम्बेडेड सिस्टम, क्लाउड टेक्नोलॉजी, एडवांस्ड एनालिटिक्स और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
डेलॉइट इंडिया के पार्टनर और जीसीसी इंडस्ट्री लीडर रोहन लोबो ने कहा कि जैसे-जैसे जापानी कंपनियां अपने वैश्विक क्षमता नेटवर्क का विस्तार कर रही हैं, भारत उनके लिए एक रणनीतिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। उन्होंने कहा कि भारत बड़े पैमाने पर उपलब्ध इंजीनियरिंग प्रतिभा, डिजिटल विशेषज्ञता और प्रतिस्पर्धी लागत के कारण जापानी कंपनियों के लिए सबसे आकर्षक गंतव्य बन गया है।
उन्होंने बताया कि डिजिटल और इंजीनियरिंग आधारित कार्यों के विस्तार के साथ भारत का जीसीसी क्षेत्र वित्त वर्ष 2030 तक 470 से 600 अरब डॉलर का आर्थिक प्रभाव पैदा कर सकता है। साथ ही यह देश की जीडीपी में 2.8 प्रतिशत तक योगदान देने और लाखों उच्च कौशल वाले रोजगार सृजित करने की क्षमता रखता है, जिससे भारत वैश्विक क्षमता नेटवर्क के केंद्र में अपनी स्थिति और मजबूत करेगा।
रिपोर्ट के अनुसार, जीसीसी का अगला चरण अब केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहेगा। अहमदाबाद, जयपुर, कोयंबटूर, कोच्चि और इंदौर जैसे उभरते शहर भी तेजी से जीसीसी निवेश के नए केंद्र बन रहे हैं। इन शहरों में कम लागत, विशेष कौशल वाले प्रतिभा समूह और राज्य सरकारों की उद्योग समर्थक नीतियां इस विस्तार को गति दे रही हैं।
डेलॉइट इंडिया के पार्टनर कीर्ति कुमार ने कहा कि भारत में जापानी जीसीसी मुख्य रूप से इंजीनियरिंग आधारित उद्योगों पर केंद्रित हैं, जिनमें टेक्नोलॉजी क्षेत्र की हिस्सेदारी 20 प्रतिशत, औद्योगिक क्षेत्र की 15 प्रतिशत, जबकि ऑटोमोबाइल और हेल्थकेयर सेक्टर की 11-11 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत और जापान के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंध भी जीसीसी विस्तार को नई गति दे रहे हैं। दोनों देशों के बीच 10 ट्रिलियन येन (करीब 68 अरब डॉलर) के निवेश की प्रतिबद्धता, डिजिटल साझेदारी कार्यक्रम और औद्योगिक सहयोग के विभिन्न ढांचे इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
डेलॉइट के अनुसार, आने वाले वर्षों में जीसीसी क्षेत्र की वृद्धि भविष्य के लिए तैयार प्रतिभा रणनीतियों, अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) में बढ़ते निवेश, मजबूत नवाचार क्षमताओं, बेहतर उद्योग साझेदारी और भारत को केवल एक बाजार ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदार के रूप में स्थापित करने पर आधारित होगी।
--आईएएनएस
 

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