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म्यूचुअल फंड में निवेश कुछ चुनिंदा लोगों का विशेषाधिकार नहीं, बल्कि हर भारतीय की वित्तीय नींव बनना चाहिए: सेबी के अमरजीत सिंह

Source : business.khaskhabar.com | July 04, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 mutual fund investment should not be the privilege of a select few but the financial foundation for every indian sebi amarjeet singh 826302नई दिल्ली । भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पूर्णकालिक सदस्य अमरजीत सिंह ने शुक्रवार को कहा कि म्यूचुअल फंड में निवेश कुछ चुनिंदा लोगों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह देश के करोड़ों लोगों की वित्तीय सुरक्षा और संपत्ति निर्माण की मजबूत नींव बनना चाहिए। 
उन्होंने कहा कि म्यूचुअल फंड उद्योग आज भारत के वित्तीय बाजार का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बन चुका है। यह एक ओर आम परिवारों को लंबी अवधि में संपत्ति (वेल्थ) बनाने का अवसर देता है, वहीं दूसरी ओर देश की आर्थिक वृद्धि के लिए स्थिर घरेलू पूंजी उपलब्ध कराने में भी अहम भूमिका निभा रहा है।
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एसोचैम के 17वें म्यूचुअल फंड समिट को संबोधित करते हुए अमरजीत सिंह ने कहा कि भारत के लाखों-करोड़ों परिवार अभी भी म्यूचुअल फंड निवेश से जुड़े नहीं हैं। ऐसे में इस क्षेत्र में व्यापक भागीदारी बढ़ाने के लिए उत्पादों, वितरण प्रणाली और निवेशकों तक पहुंच बनाने के तरीकों में नवाचार की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि भारत के विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य 'विकसित भारत' की दिशा में म्यूचुअल फंड उद्योग की भूमिका और भी महत्वपूर्ण होने वाली है।
सिंह ने कहा कि म्यूचुअल फंड उद्योग वर्तमान में तीन प्रमुख क्षेत्रों में देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहा है।
पहला, यह आम परिवारों को पारदर्शी और कम लागत वाले माध्यम से दीर्घकालिक निवेश का अवसर देता है।
दूसरा, यह भारत की आर्थिक वृद्धि के लिए स्थिर और दीर्घकालिक घरेलू पूंजी उपलब्ध कराता है।
तीसरा, सूचीबद्ध कंपनियों में निवेशक (शेयरधारक) के रूप में यह कॉरपोरेट गवर्नेंस और जवाबदेही को भी मजबूत बना रहा है।
हालांकि उन्होंने कहा कि इन तीनों क्षेत्रों में अभी और बेहतर प्रदर्शन की काफी संभावनाएं मौजूद हैं।
सेबी के पूर्णकालिक सदस्य ने कहा कि म्यूचुअल फंड उद्योग की सफलता का सबसे बड़ा आधार निवेशकों का भरोसा है। यदि यह भरोसा एक बार टूट जाता है, तो उसे दोबारा हासिल करना बेहद मुश्किल होता है।
उन्होंने कहा कि नियामक संस्थाएं, एसेट मैनेजमेंट कंपनियां (एएमसी), डिस्ट्रीब्यूटर, निवेशक संगठन और शैक्षणिक संस्थान मिलकर ऐसा निवेश माहौल तैयार कर सकते हैं, जहां अधिक से अधिक भारतीय सुरक्षित और जागरूक तरीके से म्यूचुअल फंड में निवेश करें।
समिट में एसोचैम की नेशनल काउंसिल ऑन कमोडिटी मार्केट्स एंड इन्वेस्टमेंट्स के चेयरमैन एस.के. जिंदल ने कहा कि म्यूचुअल फंड उद्योग देश की घरेलू बचत को उत्पादक निवेश में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
उन्होंने कहा कि अनुशासित बचत और पूंजी का प्रभावी उपयोग ही भारत को 'विकसित राष्ट्र' बनाने के लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेगा।
--आईएएनएस
डीबीपी

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