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तमिलनाडु सरकार का बड़ा कदम, 22500 लोगों को दी जाएगी इलेक्ट्रिक वाहन सर्विसिंग की ट्रेनिंग  

Source : business.khaskhabar.com | Aug 06, 2026 | businesskhaskhabar.com Automobile News Rss Feeds
 major move by tamil nadu government 22500 people to receive electric vehicle servicing training 834363चेन्नई। तमिलनाडु सरकार अगले पांच साल में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) सर्विसिंग में 22,500 लोगों को ट्रेनिंग देने के लिए एक खास स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम शुरू करेगी। इसमें सड़क किनारे काम करने वाले 12,500 टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर मैकेनिक भी शामिल होंगे। सरकार राज्य के पारंपरिक ऑटोमोबाइल वर्कफोर्स को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी में बदलाव के लिए तैयार कर रही है। 
2026-27 के संशोधित बजट में घोषित इस पहल के लिए मौजूदा वित्त वर्ष में 3 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसका मकसद उन मैकेनिक्स को जरूरी टेक्निकल स्किल्स सिखाना है, जो अभी पेट्रोल और डीजल गाड़ियों की सर्विसिंग पर निर्भर हैं, ताकि वे ईवी और उनके बैटरी सिस्टम की मरम्मत और रखरखाव कर सकें।
श्रम विभाग के सूत्रों ने बताया कि यह प्रस्ताव श्रम और कौशल विकास मंत्री जे. मोहम्मद फरवास के साथ बजट-पूर्व बैठक के दौरान पारंपरिक ऑटोमोबाइल मैकेनिक्स की ओर से रखी गई बातों के बाद तैयार किया गया।
मैकेनिक्स ने खास ट्रेनिंग की मांग की थी ताकि वे ऑटोमोबाइल सेक्टर में तेजी से हो रहे बदलावों के हिसाब से खुद को ढाल सकें, क्योंकि इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और कारें तेजी से आम होती जा रही हैं।
अधिकारियों ने बताया कि सड़क किनारे काम करने वाले मैकेनिकों के पास आम तौर पर इंटरनल कंबशन इंजन वाले वाहनों की मरम्मत का काफी व्यावहारिक अनुभव होता है, लेकिन अक्सर उनके पास ईवी टेक्नोलॉजी की औपचारिक ट्रेनिंग नहीं होती है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैटरी पैक, इलेक्ट्रिक मोटर, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, डायग्नोस्टिक सिस्टम और हाई-वोल्टेज कंपोनेंट्स से जुड़े अलग तरह के कौशल की जरूरत होती है।
प्रस्तावित प्रोग्राम में ईवी सर्विसिंग, बैटरी की देखभाल, खराबी का पता लगाने, सुरक्षा प्रक्रियाओं और आधुनिक डायग्नोस्टिक उपकरणों के इस्तेमाल की व्यावहारिक ट्रेनिंग दी जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि हाई-वोल्टेज इलेक्ट्रिकल सिस्टम को सुरक्षित रूप से संभालने पर खास जोर दिया जाएगा।
लेबर डिपार्टमेंट इन कोर्स को डिजाइन करने और चलाने के लिए एक प्रोफेशनल ट्रेनिंग पार्टनर चुनने की प्रक्रिया में है। स्कीम के औपचारिक रूप से शुरू होने से पहले योग्यता, कोर्स की अवधि, ट्रेनिंग सेंटर और हर बैच में लाभार्थियों की संख्या के बारे में विस्तृत गाइडलाइंस जारी की जाएंगी।
अधिकारियों ने कहा कि यह प्रोग्राम उभरती औद्योगिक जरूरतों के हिसाब से वर्करों के कौशल को अपग्रेड करने और यह सुनिश्चित करने के सरकार के व्यापक प्रयास का हिस्सा है कि जैसे-जैसे ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री साफ-सुथरी टेक्नोलॉजी की ओर बढ़ रही है, पारंपरिक मैकेनिकों के रोज़गार के अवसर खत्म न हों।
यह पहल सत्ताधारी टीवीके के विधानसभा चुनाव घोषणापत्र के भी अनुरूप है, जिसमें पारंपरिक मैकेनिक्स को ट्रेनिंग लेने और ईवी मैकेनिक्स के तौर पर क्वालिफाई करने में मदद के लिए 10,000 रुपए की आर्थिक सहायता देने का वादा किया गया था।
सरकार को उम्मीद है कि यह प्रोग्राम उस वादे को पूरा करने के साथ-साथ कुशल टेक्नीशियनों का एक बड़ा समूह तैयार करेगा, जो तमिलनाडु के बढ़ते ईवी इकोसिस्टम को सपोर्ट करने में सक्षम होंगे। इससे इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर बढ़ने में आसानी होने और साथ ही पेट्रोलियम ईंधन पर निर्भरता कम करने और गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को रोकने की कोशिशों में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
 

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