उत्तर भारत के प्लांटों में कच्चे दूध की आवक 20 प्रतिशत घटी, वैश्विक तेजी के चलते देशी घी और मिल्क पाउडर के भाव उछले
Source : business.khaskhabar.com | May 22, 2026 | 

बिजनेस डेस्क। जयपुर घरेलू कमोडिटी बाजार में इस समय खाद्य तेलों के बाद अब डेयरी उत्पादों में तेजी का दौर शुरू हो गया है। उत्तर भारत की प्रमुख डेयरियों और प्रोसेसिंग प्लांटों में इन दिनों लिक्विड दूध (कच्चे दूध) की भारी किल्लत देखी जा रही है। दूध की आवक घटने से अधिकांश डेयरी प्लांट अपनी स्थापित क्षमता के अनुरूप उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं, जिससे बाजार में सप्लाई चेन पूरी तरह प्रभावित हुई है।
कच्चे माल की इस किल्लत का सीधा असर मैन्युफैक्चरिंग कॉस्ट (उत्पादन लागत) पर पड़ा है।
राजधानी की कृषि उपज मंडी कूकरखेड़ा स्थित फर्म शिव ट्रेडिंग कंपनी के कमोडिटी विशेषज्ञ रामनिवास मूंदड़ा के अनुसार, पिछले तीन हफ्तों के भीतर उत्तर भारत में लिक्विड दूध की दैनिक उपलब्धता में 20 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है। अब यह घटकर महज 75 लाख लीटर प्रतिदिन रह गई है।
परिणामस्वरूप, निर्माता कंपनियों की इनपुट कॉस्ट बढ़ गई है, जिससे देशी घी और दूध पाउडर के थोक व खुदरा भावों में निरंतर तेजी का रुख बना हुआ है। पिछले दो सप्ताह के संक्षिप्त अंतराल में ही ब्रांडेड देशी घी की कीमतें लगभग 200 रुपये प्रति 15 किलोग्राम (टिन) उछल गई हैं।
जयपुर मंडी में शुक्रवार को प्रीमियम सेगमेंट के 'कृष्णा घी' की कीमतें रिकॉर्ड 9,420 रुपये प्रति 15 किलो टिन के स्तर पर पहुंच गईं।
इस घरेलू संकट को अंतरराष्ट्रीय बाजार से भी हवा मिल रही है। ग्लोबल मार्केट में बटर (मक्खन) और मिल्क पाउडर के दाम ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं, जिससे आयात के विकल्प महंगे हो गए हैं। इसके अलावा, घरेलू स्तर पर प्रोसेसिंग प्लांटों के पास घी और पाउडर का मौजूदा स्टॉक/इवेंट्री न के बराबर (नगण्य) है।
बाजार विश्लेषकों का अनुमान है कि स्टॉक की कमी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी तेजी के चलते आगामी दिनों में देशी घी की कीमतों में रुक-रुक कर और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
घी के साथ-साथ प्रीमियम क्वालिटी के स्किम्ड मिल्क पाउडर (SMP) के भावों में भी प्रति किलो 20 रुपये तक का उछाल दर्ज किया गया है।
थोक बाजार में 'बंगाल टाइगर एसएमपी' की कीमतें बढ़कर 348 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर जा पहुंची हैं। आइसक्रीम, कन्फेक्शनरी और बेकरी उद्योगों की ओर से आ रही मजबूत इंडस्ट्रियल डिमांड को देखते हुए मिल्क पाउडर में मंदी के आसार फिलहाल दिखाई नहीं दे रहे हैं।
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