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वर्ल्ड बैंक ने बांग्लादेश में महंगाई बढ़ने और सीमित राजकोषीय संसाधनों की दी चेतावनी

Source : business.khaskhabar.com | Apr 09, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 world bank warns of rising inflation and limited fiscal resources in bangladesh 804798नई दिल्ली । वर्ल्ड बैंक की एक नई रिपोर्ट के मुताबिक, मध्य पूर्व में लंबे समय तक चलने वाला संघर्ष बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर डाल सकता है। इससे महंगाई बढ़ सकती है, चालू खाता घाटा (करेंट अकाउंट डेफिसिट-सीएडी) बढ़ सकता है, निर्यात कमजोर पड़ सकता है, रेमिटेंस कम हो सकते हैं और ऊर्जा सब्सिडी बढ़ने से सरकार के पास खर्च करने की क्षमता घट सकती है। 
वर्ल्ड बैंक की 'बांग्लादेश डेवलपमेंट अपडेट' रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि वित्त वर्ष 2026 में बांग्लादेश की आर्थिक वृद्धि दर घटकर 3.9 प्रतिशत रह सकती है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रही है, जैसे बढ़ती गरीबी, लगातार ऊंची महंगाई, दबाव में बैंकिंग सेक्टर, कमजोर राजस्व संग्रह और निजी निवेश में कमी। इन समस्याओं पर मिडिल ईस्ट संकट ने और दबाव बढ़ा दिया है।
वित्त वर्ष 2026 में महंगाई दर 8.5 प्रतिशत बनी हुई है, जिसमें खाद्य और गैर-खाद्य दोनों तरह की कीमतें ऊंची हैं। कम आय वाले लोगों की आय महंगाई के साथ नहीं बढ़ रही, जिससे उनकी खरीदने की क्षमता घट रही है।
देश में गरीबी दर 2022 के 18.7 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 21.4 प्रतिशत हो गई है, जिससे 2025 में करीब 14 लाख लोग और गरीब हो गए हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेशी मुद्रा भंडार सीमित होने, सख्त वित्तीय और मौद्रिक स्थितियों और कमजोर बैंकिंग सिस्टम के कारण बांग्लादेश के पास लंबे समय तक झटकों को सहने की क्षमता कम है, खासकर गरीब और कमजोर वर्गों पर इसका ज्यादा असर पड़ सकता है।
हालांकि, रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि 2026 के चुनावों के बाद अगर राजनीतिक स्थिरता बनी रहती है और संरचनात्मक सुधार तेजी से किए जाते हैं, तो अर्थव्यवस्था में सुधार आ सकता है।
वर्ल्ड बैंक के बांग्लादेश और भूटान प्रभाग के निदेशक जीन पेस्मे ने कहा कि अगर राजस्व संग्रह, वित्तीय क्षेत्र और कारोबारी माहौल में ठोस सुधार नहीं किए गए, तो अर्थव्यवस्था की मजबूती लंबे समय तक नहीं टिक पाएगी।
वहीं, वरिष्ठ अर्थशास्त्री ध्रुव शर्मा ने कहा कि तेजी से बढ़ती कार्यबल को रोजगार देने और आर्थिक विकास बनाए रखने के लिए कारोबारी माहौल में सुधार जरूरी है।
रिपोर्ट में कहा गया है, "नियमों में सुधार, बेहतर प्रतिस्पर्धा नीति, सरकारी कंपनियों के लिए समान अवसर, व्यापार नीतियों को आसान बनाना और बिजली आपूर्ति में सुधार जैसे कदम निजी क्षेत्र की वृद्धि और रोजगार सृजन के लिए अहम होंगे।"
--आईएएनएस
 

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