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कैबिनेट ने 'भव्या रसायन' स्कीम को दी मंजूरी, देश में तीन केमिकल पार्क होंगे विकसित 

Source : business.khaskhabar.com | July 25, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 cabinet approves bhavya rasayan scheme three chemical parks to be developed in the country 831476मुंबई । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने शुक्रवार को भारत औद्योगिक विकास योजना रसायन (भव्या - रसायन योजना)  को मंजूरी दी। इसके तहत देशभर में तीन केमिकल पार्क विकसित किए जाएंगे। इस स्कीम का ऐलान केंद्रीय बजट 2026-27 में किया गया था। 
कैबिनेट की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, इस स्कीम का संचालन वित्त वर्ष 2026-27 से वित्त वर्ष 2030-31 यानी पांच वर्ष के लिए किया जाएगा। इसका कुल बजट 3,030 करोड़ रुपए रखा गया है, जिसमें से 3,000 करोड़ रुपए सामान्य बुनियादी ढांचा सुविधाएं और बुनियादी सेवाएं विकसित करने पर खर्च किए जाएंगे, जबकि 30 करोड़ रुपए प्रशासनिक खर्च के लिए आवंटित किए गए हैं।
इस योजना के तहत, केंद्र सरकार हर पार्क के लिए 1,000 करोड़ रुपए तक की ग्रांट देगी। इसके लिए संबंधित राज्य सरकार को कम से कम 500 करोड़ रुपए का योगदान देना होगा।
सरकार के मुताबिक, भव्या - रसायन योजना से अर्थव्यवस्था को कई फायदे हैं। इससे केमिकल इंडस्ट्री की पूरी वैल्यू चेन (जिसमें अपस्ट्रीम, डाउनस्ट्रीम और सहायक इंडस्ट्रीज शामिल हैं) के विकास को बढ़ावा मिलेगा। इससे संसाधनों का कुशल इस्तेमाल होगा और लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी।
वहीं, केमिकल इंडस्ट्री की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, साझा कॉमन इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं और बुनियादी यूटिलिटीज के जरिए लागत के मामले में बेहतर प्रतिस्पर्धात्मकता आएगी और भारतीय इंडस्ट्री वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनेगी।
साथ ही, इससे भारतीय केमिकल इंडस्ट्री को ग्लोबल वैल्यू चेन में बेहतर ढंग से जुड़ने में मदद मिलेगी, जिससे एक्सपोर्ट बढ़ेगा और इंपोर्ट सब्स्टिट्यूशन को बढ़ावा मिलेगा।
इसके अलावा, यह योजना एक पर्यावरण-अनुकूल इकोसिस्टम बनाकर भारतीय केमिकल इंडस्ट्री के टिकाऊ विकास को बढ़ावा देगी। इस इकोसिस्टम में कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, ट्रीटमेंट, स्टोरेज और डिस्पोजल फैसिलिटी, और खतरनाक कचरा प्रबंधन इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी सेंट्रलाइज्ड सुविधाएं शामिल होंगी। इससे पर्यावरण नियमों का बेहतर पालन सुनिश्चित होगा और इंडस्ट्री का विकास पर्यावरण-अनुकूल तरीके से हो सकेगा।
केमिकल सेक्टर के विकास से अर्थव्यवस्था के डाउनस्ट्रीम सेक्टर का भी विकास होगा, जिससे रोजगार के अधिक अवसर पैदा होंगे और अर्थव्यवस्था का और अधिक विकास होगा। इससे 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
कैबिनेट के मुताबिक, यह सेक्टर ऐसे केमिकल और पेट्रोकेमिकल बनाता है जिनका इस्तेमाल खेती, टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स, न्यूट्रास्यूटिकल्स, कंस्ट्रक्शन, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे कई डाउनस्ट्रीम उद्योगों में होता है, 'भव्या रसायन योजना' शुरू करने से घरेलू और विदेशी निवेश आकर्षित होगा। साथ ही, घरेलू उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, रोजगार पैदा होंगे और इस सेक्टर के विकास को बढ़ावा मिलेगा। इससे इस सेक्टर की वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ेगी और 'आत्मनिर्भरता' को बढ़ावा मिलेगा।
 

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