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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुप्त वृन्दावन धाम में किया राधा-कृष्ण शिला पूजन

Source : business.khaskhabar.com | Aug 10, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 chief minister bhajan lal sharma performed radha krishna shila pujan at gupt vrindavan dham 835459
खास खबर। जयपुर 
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को जगतपुरा स्थित गुप्त वृन्दावन धाम में श्री श्री राधा-श्यामसुंदर जी के विग्रह निर्माण के लिए चयनित विशेष शिलाओं का वैदिक विधि-विधान एवं मंत्रोच्चार के बीच पूजन किया। मंदिर के अध्यक्ष अमितासना दास ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। शिला पूजन के पश्चात मुख्यमंत्री ने भगवान श्री श्री कृष्ण-बलराम जी के दर्शन एवं महाआरती की। 

मुख्यमंत्री ने कहा, गुप्त वृन्दावन धाम राजस्थान की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। श्री राधारानी के विग्रह के लिए मकराना के उच्च गुणवत्ता वाले महीन दानेदार श्वेत संगमरमर का चयन किया गया है। वहीं भगवान श्रीकृष्ण के विग्रह के लिए पावटा के निकट भैंसलाना की प्राचीन खदानों से प्राप्त विशेष कृष्णवर्णीय पत्थर चुना गया है। 

इन विशिष्ट शिलाओं की खोज पांडे मूर्ति भंडार द्वारा पिछले लगभग 7–8 वर्षों से की जा रही थी। उपयुक्त गुणवत्ता की शिलाएँ मिलने के बाद इन्हें गुप्त वृन्दावन धाम में श्री श्री राधा-श्यामसुंदर जी के विग्रह निर्माण के लिए सुरक्षित रखा गया था। अब शिला पूजन के साथ विग्रह निर्माण की प्रक्रिया का शुभारंभ किया जा रहा है। 

6 एकड़ में बन रहा भव्य आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्रः 
हरे कृष्ण मूवमेंट, जयपुर द्वारा लगभग 6 एकड़ भूमि पर गुप्त वृन्दावन धाम का निर्माण किया जा रहा है। मंदिर का उद्घाटन अगले वर्ष 12 मई 2027, अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर प्रस्तावित है। यह केंद्र सनातन संस्कृति, वैदिक ज्ञान और आध्यात्मिक मूल्यों को नई पीढ़ियों तक पहुँचाने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है। 

17 मंजिला गुप्त वृन्दावन धाम की प्रमुख विशेषताओं में 180 फीट लंबी एवं 108 फीट चौड़ी विशाल कमान छतरी शामिल है, जिस पर रात्रि में अत्याधुनिक प्रोजेक्शन मैपिंग के माध्यम से भगवान की दिव्य लीलाओं का प्रदर्शन किया जाएगा। मंदिर का लगभग 70 फीट ऊँचा मुख्य प्रवेश द्वार राजस्थानी स्थापत्य एवं शिल्पकला से प्रेरित होगा और इसमें 108 मयूरों का कलात्मक स्वरूप देखने को मिलेगा। 

25 हजार वर्गफीट दर्शन हॉल और वैदिक म्यूजियमः 

गुप्त वृन्दावन धाम में अध्यात्म, संस्कृति और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। परिसर में लगभग 25 हजार वर्गफीट का विशाल दर्शन हॉल, 14 प्रेजेंटेशन रूम, ऑडियो-विजुअल थिएटर और वैदिक म्यूजियम विकसित किए जाएंगे। यह केंद्र ‘ग्रीन बिल्डिंग’ कॉन्सेप्ट पर आधारित होगा, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और हरियाली पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। 

राजस्थान के आध्यात्मिक पर्यटन को मिलेगा नया आयामः 

गुप्त वृन्दावन धाम के माध्यम से जयपुर एवं राजस्थान के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को नया आयाम मिलने की उम्मीद है। भारत सहित विश्वभर से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक यहाँ भारतीय आध्यात्मिक-सांस्कृतिक विरासत का अनुभव करने के साथ भगवद्गीता, वैदिक संस्कृति, हरिनाम संकीर्तन और कृष्ण-भक्ति से जुड़ सकेंगे।

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