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तेल कंपनियों को प्रतिदिन हो रहा करीब 500 करोड़ रुपए का नुकसान, रिटेल आउटलेट्स से बल्क डीजल बिक्री पर रोक से मिलेगी राहत

Source : business.khaskhabar.com | Jun 13, 2026 | businesskhaskhabar.com Commodity News Rss Feeds
 oil companies facing daily losses of around ₹500 crore ban on bulk diesel sales at retail outlets to provide relief 820974नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने शुक्रवार को रिटेल आउटलेट्स पर बल्क डीजल की बिक्री पर रोक लगा दी। इसकी वजह तेल कंपनियों को राहत देना था, जो कि वैश्विक स्तर पर अस्थिरता के चलते प्रतिदिन 500 करोड़ रुपए की अंडर रिकवरी (बिक्री और लागत में अंतर) का सामना कर रही है।  
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा कि 'मोटर स्पिरिट और हाई-स्पीड डीजल आदेश, 2026' के तहत ऐसे अस्थायी उपाय लागू किए गए हैं जो शुरू में 90 दिनों तक लागू रहेंगे।
मंत्रालय ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य रिटेल ग्राहकों के लिए बिना रुकावट डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित करना और सब्सिडी वाले रिटेल ईंधन की आपूर्ति को बल्क यूजर्स की ओर जाने से रोकना है।
नए नियमों के तहत, रिटेल आउटलेट डीजल सिर्फ गाड़ियों के टैंक या पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव्स सेफ्टी ऑर्गनाइजेशन (पीईएसओ) से मंजूरी प्राप्त कंटेनरों में ही देंगे। इसमें हर ग्राहक या गाड़ी के लिए रोजाना अधिकतम 200 लीटर की सीमा तय की गई है।
हालांकि, रिटेल आउटलेट से खरीदे गए डीजल को दोबारा बेचा नहीं जा सकता है।
इसके अलावा, इंडस्ट्रियल, इंस्टीट्यूशनल, कमर्शियल और डायरेक्ट कंज्यूमर्स को रिटेल आउटलेट से डीजल खरीदने से मना किया गया है; उन्हें तय कंज्यूमर पंपों से ही आपूर्ति लेनी होगी।
सरकार के अनुसार, रिटेल आउटलेट पर डीजल की मांग में अचानक बढ़ोतरी के बाद ये पाबंदियां लगाई गई हैं, क्योंकि बल्क कंज्यूमर्स कम रिटेल कीमतों का फायदा उठाने के लिए पीएसयू फ्यूल स्टेशनों से खरीदारी करने लगे थे।
साथ ही, रिटेल डीजल अभी बल्क डीजल के मुकाबले लगभग 40 रुपए प्रति लीटर सस्ता है, क्योंकि ग्लोबल एनर्जी की कीमतें ज्यादा होने के बावजूद सरकारी तेल कंपनियां कीमत में राहत दे रही हैं।
सरकार के मुताबिक, पश्चिम एशिया में जारी उथल-पुथल के बीच घरों, किसानों और दूसरे ग्राहकों को बचाने के लिए सरकारी फ्यूल रिटेलर्स अभी पेट्रोल, डीजल और घरेलू एलपीजी की बिक्री पर हर दिन लगभग 500 करोड़ रुपए का नुकसान उठा रहे हैं।
मई 2026 के आंकड़ों से पता चला है कि पीएसयू रिटेल आउटलेट्स के जरिए डीजल की बिक्री में तेजी से बढ़ोतरी हुई है; 327 जिलों में पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 10 प्रतिशत से ज्यादा और 80 जिलों में 30 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ोतरी दर्ज की गई।
वहीं, ज्यादा कीमतों की वजह से मई में प्राइवेट ऑयल मार्केटिंग कंपनियों की हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) बिक्री में लगभग 58 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।
मंत्रालय ने कहा कि सरकार के ध्यान में जेरी कैन में बड़ी मात्रा में डीजल खरीदने और बाद में उसे दोबारा बेचने के मामले आए हैं, जिसके चलते यह नया कदम उठाया गया है।
सरकार ने कहा कि नियमों का पालन कराने और आदेश का उल्लंघन रोकने की जिम्मेदारी ओएमसी और रिटेल आउटलेट डीलरों की होगी, जबकि राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को कालाबाजारी और अनधिकृत डायवर्जन के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
--आईएएनएस
 

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