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ऑटो-पीएलआई योजना में हुआ 44,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश, पश्चिम बंगाल में 463 ईवी चार्जिंग स्टेशन चालू: सरकार

Source : business.khaskhabar.com | July 29, 2026 | businesskhaskhabar.com Automobile News Rss Feeds
 over ₹44000 crore invested under auto pli scheme 463 ev charging stations operational in west bengal government 832324नई दिल्ली । भारी उद्योग मंत्रालय ने मंगलवार को बताया कि केंद्र सरकार की ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट उद्योग के लिए उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना ने 31 मार्च 2026 तक 44,326 करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित किया है, जो मार्च 2027 तक निर्धारित 42,500 करोड़ रुपए के निवेश लक्ष्य से भी अधिक है। 
मंत्रालय ने कहा कि 23 सितंबर 2021 को 25,938 करोड़ रुपए के बजटीय प्रावधान के साथ शुरू की गई यह पीएलआई योजना एडवांस्ड ऑटोमोटिव टेक्नोलॉजी (एएटी) उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देने और भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई थी।
मंत्रालय के अनुसार, योजना के तहत चयनित कंपनियों ने अब तक 44,326 करोड़ रुपए का संचयी निवेश दर्ज कराया है, जो तय लक्ष्य से अधिक है। इससे देश में उन्नत ऑटोमोबाइल तकनीक के निर्माण को गति मिली है।
इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के संबंध में मंत्रालय ने बताया कि फेम-II योजना के तहत इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसीएल), भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (एचपीसीएल) ने पश्चिम बंगाल में 482 सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशनों को मंजूरी दी थी, जिनमें से 1 जुलाई 2026 तक 463 चार्जिंग स्टेशन चालू हो चुके हैं।
हालांकि, मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम बंगाल में मौजूदा चार्जिंग नेटवर्क पर्याप्त है या नहीं, इसका कोई औपचारिक आकलन नहीं किया गया है।
मंत्रालय ने यह भी बताया कि पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में मथुरापुर के लिए किसी ईवी चार्जिंग स्टेशन का प्रस्ताव शामिल नहीं है। हालांकि, दक्षिण 24 परगना जिले के कैनिंग, बक्खाली, डायमंड हार्बर, काकद्वीप और नामखाना में पांच सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने का प्रस्ताव दिया गया है।
सरकार ने स्पष्ट किया कि पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत अब तक पश्चिम बंगाल को कोई वित्तीय सहायता जारी नहीं की गई है।
मंत्रालय के अनुसार, देश भर में सार्वजनिक ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए फेम-II योजना के तहत 912.50 करोड़ रुपए और पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत 2,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। हालांकि, यह राशि पूरे देश के लिए निर्धारित है और किसी राज्य के लिए अलग से आवंटित नहीं की जाती।
भारी उद्योग मंत्रालय ने यह भी दोहराया कि ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित करना लाइसेंस-मुक्त गतिविधि है। इसलिए सरकारी एजेंसियां, निजी कंपनियां और अन्य संस्थान बिना किसी लाइसेंस के देश भर में ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित, संचालित और उनका रखरखाव कर सकते हैं।
--आईएएनएस 

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