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मध्य पूर्व में तनाव का असर! केंद्र ने एसईजेड यूनिट्स के लिए दरों में कटौती का ऐलान किया

Source : business.khaskhabar.com | Apr 01, 2026 | businesskhaskhabar.com Commodity News Rss Feeds
 impact of middle east tensions! centre announces rate cuts for sez units 802792नई दिल्ली । केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने बुधवार को विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) की पात्र इकाइयों को घरेलू टैरिफ क्षेत्र में रियायती सीमा शुल्क दरों पर निर्मित वस्तुओं की बिक्री के लिए एकमुश्त राहत उपाय पेश किया है। 
आधिकारिक बयान में कहा गया, यह कदम केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई उस घोषणा के तहत उठाया गया है, जिसमें वैश्विक व्यापार में जारी व्यवधानों के कारण विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) में विनिर्माण इकाइयों द्वारा सामना की जा रही चिंताओं को दूर करने का प्रावधान है।
इसे केंद्रीय बजट की घोषणा को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 25 के तहत जारी छूट अधिसूचना के माध्यम से लागू किया जा रहा है, जो विशेष आर्थिक इकाइयों द्वारा घरेलू टैरिफ क्षेत्र को भेजे गए निर्मित माल पर लागू होगी और 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी (अधिसूचना संख्या 11/2026-सीमा शुल्क दिनांक 31.03.2026 )।
इस राहत योजना के अंतर्गत पात्र विशेष आर्थिक इकाइयों के लिए रियायती दरों का निर्धारण करते समय, घरेलू टैरिफ क्षेत्र में कार्यरत इकाइयों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने का पूरा ध्यान रखा गया है।
इस राहत योजना के तहत, जिन वस्तुओं पर वर्तमान में सीमा शुल्क 30 प्रतिशत से 40 प्रतिशत के बीच में है अब 20 प्रतिशत का सीमा शुल्क लगेगा।
वहीं, जिन वस्तुओं पर वर्तमान में सीमा शुल्क 20 प्रतिशत से 30 प्रतिशत के बीच में है, उसे घटाकर 15 प्रतिशत कर दिया गया है। 
इसके अलावा, 20 प्रतिशत के सीमा शुल्क को घटाकर 12.5 प्रतिशत; 12.5 और 15 प्रतिशत के सीमा शुल्क को घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया गया है।
वहीं, 10 प्रतिशत के सीमा शुल्क को घटाकर 9 प्रतिशत और 7.5 प्रतिशत के सीमा शुल्क को घटाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया गया है।
इस राहत योजना के तहत लाभ का दावा करने वाली ऐसी इकाइयों द्वारा निर्मित वस्तुओं में इनपुट की तुलना में न्यूनतम 20 प्रतिशत का मूल्यवर्धन होना चाहिए।
विशेष आर्थिक इकाइयों द्वारा निर्यात पर जोर जारी रहेगा। पात्र एसईजेड इकाइयों द्वारा रियायती दरों पर की गई डीटीए बिक्री, पिछले तीन वित्तीय वर्षों में से किसी भी वर्ष के उच्चतम वार्षिक एफओबी निर्यात मूल्य के 30 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी।
यह राहत योजना केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड की स्वचालित प्रणाली के माध्यम से लागू की जाएगी और इस राहत योजना के तहत डीटीए क्लीयरेंस के लिए एंट्री बिलों का मूल्यांकन फेसलेस असेसमेंट प्रणाली के तहत किया जाएगा
--आईएएनएस
 

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