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भारत का डीजल निर्यात सात साल के उच्चतम स्तर पर, ऑस्ट्रेलिया के ल‍िए मददगार

Source : business.khaskhabar.com | Apr 02, 2026 | businesskhaskhabar.com Commodity News Rss Feeds
 india diesel exports hit seven year high aiding australia 802914नई दिल्ली । भारत के डीजल का दक्षिण-पूर्व एशिया में निर्यात मार्च में सात साल से अधिक समय में उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, क्योंकि क्षेत्र और ऑस्ट्रेलिया में ईंधन की मांग में वृद्धि हुई, जो मध्य पूर्व से कच्चे तेल की आपूर्ति में व्यवधान के कारण हुई।
 
यह ऑस्ट्रेलिया के लिए एक महत्वपूर्ण अंतर को भर रहा है, क्योंकि देश आयातित ईंधन पर बहुत निर्भर है और अपनी आपूर्ति का अधिकांश हिस्सा एशिया से प्राप्त करता है।
ऑस्ट्रेलिया अब अपनी बची हुई रिफाइनरियों से देश की ईंधन की मांग का 20 प्रतिशत से भी कम हिस्सा पूरा करता है, जबकि बाकी की आपूर्ति क्षेत्रीय सप्लाई चेन के जरिए की जाती है।
'ऑस्ट्रेलिया टुडे' के एक लेख के अनुसार, इस स्थिति में एशिया में भारत से आने वाला अतिरिक्त डीजल उस आपूर्ति के दायरे को बढ़ाने में मदद करता है, जहां से ऑस्ट्रेलिया खरीदारी कर सकता है; ऐसा इसलिए है क्योंकि खरीदार अब दूसरे विकल्पों की तलाश में जुटे हुए हैं।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च में लगभग एक मिलियन मीट्रिक टन डीजल भारत से दक्षिण-पूर्व एशिया और ऑस्ट्रेलिया भेजा गया, जिसमें लगभग आधा सिंगापुर के लिए गया और लगभग 90 प्रतिशत व्यापार रिलायंस इंडस्ट्रीज की ओर से शिप किया गया।
ऑस्ट्रेलिया के लिए तत्काल मुद्दा सिर्फ कीमत नहीं बल्कि भौतिक उपलब्धता भी है।
एंथनी अल्बानीज सरकार ने कहा है कि ऑस्ट्रेलिया अपना ईंधन का लगभग 90 प्रतिशत आयात करता है और स्थानीय स्तर पर आपूर्ति की कमी का सामना कर रहा है। कई पेट्रोल पंपों में हाल के हफ्तों में पेट्रोल या डीजल समाप्त हो गया था।
आर्टिकल में बताया गया है कि पिछले हफ्ते के आखिर में ऑस्ट्रेलिया के पास लगभग 30 दिनों का डीजल और जेट फ्यूल था, जबकि एशिया, यूनाइटेड स्टेट्स, मेक्सिको और दूसरी जगहों से 53 से ज्यादा फ्यूल शिपमेंट अभी ऑस्ट्रेलिया जा रहे हैं।
भारतीय डीजल अकेले समस्या का पूरा समाधान नहीं है, लेकिन यह आपूर्ति की तंगी को कम करने में मदद कर रहा है।
रॉयटर्स ने बताया कि व्यापारियों को उम्मीद है कि अतिरिक्त भारतीय माल अप्रैल में आपूर्ति की तंगी को कम करेगा और कुछ बाजार विश्लेषक मानते हैं कि ईस्ट-ऑफ-स्वेज सेल्स के लिए लाभ अभी भी महीनों तक अनुकूल रहेगा। इससे ऑस्ट्रेलियाई खरीदारों को एशियाई हब के माध्यम से विकल्प ढूंढने का बेहतर अवसर मिलता है।
व्यवहारिक रूप से इसका मतलब है कि भारत में परिष्कृत डीजल क्षेत्रीय भंडार का हिस्सा बन रहा है, जिससे अस्थिर अवधि के दौरान ऑस्ट्रेलियाई ट्रकों, व्यवसायों और पेट्रोल पंपों की आपूर्ति बनी रहती है।
--आईएएनएस
 

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