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भारत दुनिया में तेल की कीमतें स्थिर रखने में अमेरिका का बहुत बड़ा साथी: राजदूत सर्जियो गोर

Source : business.khaskhabar.com | Mar 11, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 india is a great partner of america in keeping global oil prices stable ambassador sergio gor 797565बिजनेस डेस्क। नई दिल्ली
अमेरिका के भारत में राजदूत सर्जियो गोर ने तेल की कीमतों को स्थिर रखने में भारत की भूमिका को अहम बताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने भारत की रूस से तेल खरीद को ऊर्जा बाजार को स्थिर करने के लिए जरूरी बताया। गोर ने लिखा कि भारत दुनिया में तेल की कीमतें स्थिर रखने में बहुत बड़ा साथी रहा है। अमेरिका मानता है कि रूस से भारत की लगातार तेल खरीद भी इसी कोशिश का हिस्सा है। 
उन्होंने आगे लिखा, "भारत तेल के सबसे बड़े कंज्यूमर और रिफाइनर में से एक है और अमेरिकियों और भारतीयों के लिए मार्केट में स्थिरता लाने के लिए यूनाइटेड स्टेट्स और भारत का मिलकर काम करना जरूरी है।" ये बयान ऐसे समय आया है जब ग्लोबल ऑयल मार्केट में ईरान संकट से बड़ी उठा पटक मची हुई है। 

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने की वजह से तेल आपूर्ति पर खतरा मंडरा है और आशंका है कि कीमतें बढ़ सकती हैं। भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा तेल कंज्यूमर और रिफाइनर है, इसलिए यहां की नीति वैश्विक बाजार पर असर डालती है। इससे पहले व्हाइट हाउस ने प्रेस से कहा कि ईरान के खिलाफ चल रहे यूएस मिलिट्री कैंपेन से पैदा हुई दिक्कतों के बीच ग्लोबल एनर्जी मार्केट को स्थिर करने की एक बड़ी कोशिश के तहत डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को रूसी तेल खरीदने के लिए तत्कालीन छूट को मंजूरी दी है। 

व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि यह फैसला राष्ट्रपति, ट्रेजरी डिपार्टमेंट और नेशनल सिक्योरिटी टीम के सदस्यों के बीच बातचीत के बाद लिया गया। लेविट ने एक सवाल के जवाब में कहा, "राष्ट्रपति और ट्रेजरी सेक्रेटरी और पूरी नेशनल सिक्योरिटी टीम इस फैसले पर इसलिए पहुंची क्योंकि भारत में हमारे सहयोगी अच्छे रहे हैं।" 

उन्होंने कहा कि यह तत्कालीन उपाय ईरान के संकट से पैदा हुई ग्लोबल तेल सप्लाई में रुकावटों को दूर करने के लिए किया गया है। लेविट ने आगे कहा, "जब हम ईरानियों की वजह से दुनिया भर में तेल सप्लाई के इस 'टेम्पररी गैप' (अस्थायी अंतर) को कम करने के लिए काम कर रहे हैं, तो हमने उन्हें तत्कालीन तौर पर रूसी तेल लेने की इजाजत दे दी है।" 

लेविट ने बताया कि छूट मिलने से पहले ही शिपमेंट भेज दिए गए थे। व्हाइट हाउस के मुताबिक, प्रशासन को उम्मीद नहीं है कि इस व्यवस्था से मास्को को आर्थिक रूप से कोई खास फायदा होगा। -आईएएनएस

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