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भारत में टेलीग्राम के जल्द बहाल होने की उम्मीद, मैसेज एडिट फीचर 30 जून तक रहेगा बंद

Source : business.khaskhabar.com | Jun 23, 2026 | businesskhaskhabar.com Gadget News Rss Feeds
 telegram expected to be restored in india soon message edit feature to remain disabled until june 30 823396नई दिल्ली । नीट यूजी की दोबारा परीक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने देश भर में टेलीग्राम की सेवाओं पर 22 जून तक रोक लगा दी थी, लेकिन अब जल्द ही फिर से यह बहाल हो सकता है। 
रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार टेलीग्राम पर लगी रोक को आगे बढ़ाने की योजना नहीं बना रही है और इसकी सेवाएं जल्द ही बहाल कर दी जाएंगी। इस ऐप के 23 जून से ऐप स्टोर्स पर उपलब्ध होने की उम्मीद है। 
हालांकि, टेलीग्राम पर मैसेज-एडिटिंग फीचर को बंद करने का केंद्र का फैसला 30 जून तक लागू रहेगा।
पिछले हफ्ते, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने नीट की दोबारा परीक्षा से पहले एहतियात के तौर पर भारत में टेलीग्राम को 22 जून तक ब्लॉक कर दिया था।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने मंगलवार को कहा, "ये कदम उन चीटिंग रैकेट्स द्वारा प्लेटफॉर्म के संगठित इस्तेमाल के जवाब में उठाए गए हैं, जो 21 जून 2026 को होने वाली नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को धोखा देने की कोशिश कर रहे थे।"
शुक्रवार को दिल्ली हाई कोर्ट ने नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले पूरे भारत में टेलीग्राम की सेवाओं को कुछ समय के लिए रोकने के केंद्र सरकार के फैसले को सही ठहराया। कोर्ट ने कहा कि सरकार ने इमरजेंसी ब्लॉकिंग पावर का इस्तेमाल करते समय कानून में बताई गई प्रक्रिया का सख्ती से पालन किया और ये पाबंदियां 'आनुपातिकता की कसौटी' पर खरी उतरीं।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के ब्लॉकिंग ऑर्डर को चुनौती देने वाली टेलीग्राम एफजेड एलएलसी की याचिका को खारिज करते हुए, जस्टिस तेजस करिया की सिंगल-जज बेंच ने कहा कि देशव्यापी मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम से जुड़े हालात को देखते हुए मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को 22 जून तक रोकना और उसके मैसेज-एडिटिंग फीचर को 30 जून तक बंद करना सही था।
दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा, "इस ऑर्डर की इमरजेंसी प्रकृति को देखते हुए, फैसला लेने के लिए बताई गई वजहें काफी थीं। केंद्र सरकार ने आईटी एक्ट की धारा 69ए के तहत जरूरी प्रक्रियात्मक कदमों का सख्ती से पालन किया है, इसलिए वजहें न बताने के आधार पर इस ऑर्डर को चुनौती नहीं दी जा सकती।"
ये पाबंदियां नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) और गृह मंत्रालय की सिफारिशों के बाद आईटी एक्ट की धारा 69ए के तहत लगाई गई थीं।
केंद्र सरकार ने इस कदम का बचाव करते हुए कहा कि टेलीग्राम के आर्किटेक्चर और परीक्षा से जुड़े फ्रॉड के लिए इसके बार-बार गलत इस्तेमाल की वजह से अधिकारियों के पास इमरजेंसी ब्लॉकिंग पावर का इस्तेमाल करने के अलावा कोई असरदार विकल्प नहीं बचा था।
 

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