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भारत में पीएमएस में नेट इनफ्लो अप्रैल में 25,088 करोड़ रुपए रहा, एयूएम 42 लाख करोड़ रुपए के पार 

Source : business.khaskhabar.com | May 29, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 net inflows into india pms sector hit ₹25088 crore in april aum crosses ₹42 lakh crore mark 817129नई दिल्ली । भारत में पोर्टफोलियो मैनेजमेंट सर्विसेज (पीएमएस) इंडस्ट्री का एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) अप्रैल 2026 में मासिक आधार पर 2.1 प्रतिशत बढ़कर 42.2 लाख करोड़ रुपए हो गया है। यह जानकारी गुरुवार को जारी रिपोर्ट में दी गई।  
पीएमएस इंडस्ट्री का एयूएम बढ़ना दिखाता है कि निवेशकों का पीएमएस पर विश्वास बढ़ रहा है। 
एसोसिएशन ऑफ पोर्टफोलियो मैनेजर्स इन इंडिया (एपीएमआई) की रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल में ग्राहक आधार लगभग 2.12 लाख अकाउंट्स का था, जिसमें महीने के दौरान 1.7 प्रतिशत का समायोजन हुआ।
इस दौरान नेट इनफ्लो अप्रैल में 25,088 करोड़ रुपए रहा है, जबकि मार्च में 648 करोड़ रुपए का नेट आउटफ्लो दर्ज किया गया था। 
रिपोर्ट के अनुसार, पोर्टफोलियो में इक्विटी में 13.8 प्रतिशत, सामान्य ऋण में 0.8 प्रतिशत और म्यूचुअल फंड में 5.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि डेरिवेटिव्स में बड़ा बदलाव देखने को मिला।
घरेलू निवेशकों की ग्राहक आधार में 91 प्रतिशत और कुल एयूएम में 95 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। विदेशी एयूएम में महीने दर महीने आधार पर 7.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि घरेलू एयूएम में भी 1.8 प्रतिशत की अच्छी वृद्धि दर्ज की गई, जो वित्तीय वर्ष की शुरुआत में स्थिर आवंटन को दर्शाता है।
एयूएम के लगभग 80 प्रतिशत के साथ प्रोविडेंट फंड घरेलू परिसंपत्तियों को मजबूती प्रदान करते रहे, जबकि वित्त वर्ष 2027 में वितरकों की संख्या में वृद्धि जारी रही, जिससे पीएमएस की पहुंच में व्यापक वृद्धि को बल मिला।
सूचीबद्ध इक्विटी परिसंपत्तियों में महीने-दर-महीने 13.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो इक्विटी केंद्रित अवसरों के प्रति निवेशकों की निरंतर प्राथमिकता को दर्शाती है। गैर-सूचीबद्ध क्षेत्र में, इक्विटी परिसंपत्तियों में 38.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि गैर-सूचीबद्ध ऋण में 150.5 प्रतिशत की तीव्र वृद्धि हुई, जो निजी बाजार निवेश में बढ़ती रुचि की ओर इशारा करती है।
एपीएमआई के बोर्ड सदस्य विकास खेमानी ने कहा, “पूंजी अब केवल पारंपरिक इक्विटी निवेश की ओर ही नहीं जा रही है, बल्कि सूचीबद्ध और गैर-सूचीबद्ध बाजारों में विशिष्ट और विविध रणनीतियों की ओर तेजी से बढ़ रही है। पीएमएस उद्योग धीरे-धीरे निवेशकों के लिए एक सामरिक निवेश विकल्प के बजाय एक रणनीतिक पोर्टफोलियो आवंटन ढांचा बनता जा रहा है।”
--आईएएनएस
 

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