businesskhaskhabar.com

Business News

Home >> Business

टैक्स संशोधन विधेयक डेटा सेंटर इकोसिस्टम के लिए एक सकारात्मक कदम: नैसकॉम

Source : business.khaskhabar.com | Aug 05, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 tax amendment bill a positive step for data center ecosystem nasscom 834090नई दिल्ली । उद्योग जगत की शीर्ष संस्था नैसकॉम ने कराधान और अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 का स्वागत करते हुए इसे भारत के डेटा सेंटर उद्योग के लिए एक सकारात्मक कदम बताया है। यह विधेयक भारत में स्थित निर्दिष्ट डेटा सेंटरों से सेवाएं लेने वाली विदेशी कंपनियों के लिए वित्त अधिनियम, 2026 के तहत लागू कर छूट व्यवस्था को और सरल बनाने का प्रस्ताव करता है। 
नैसकॉम ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि यह विधेयक अभी संसद के विचाराधीन है, लेकिन इसमें प्रस्तावित बदलाव उद्योग के लिए फायदेमंद साबित होंगे। नए प्रावधानों के तहत विदेशी कंपनियों और डेटा सेंटरों के लिए अलग-अलग मामले में विशेष सरकारी अधिसूचना लेने की आवश्यकता खत्म हो जाएगी। इसके साथ ही स्वामित्व या लीज (पट्टे) के आधार पर संचालित डेटा सेंटर सुविधाओं को भी मान्यता दी गई है।
उद्योग संगठन का कहना है कि संशोधित व्यवस्था से भारत में काम करने वाले विदेशी क्लाउड सेवा प्रदाताओं, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) संचालित करने वाली कंपनियों और अन्य विदेशी संस्थाओं को काफी लाभ मिलेगा।
कई कंपनियां समूह की विभिन्न इकाइयों, विदेशी रीसेलर, भारतीय वितरकों और सीमा-पार ग्राहक सेवाओं जैसे जटिल कारोबारी मॉडल पर काम करती हैं। ऐसे में विदेशी कंपनियों के लिए अलग से अधिसूचना की आवश्यकता समाप्त होने से कर संबंधी स्पष्टता बढ़ेगी और अनुमोदन-आधारित अनिश्चितता कम होगी।
नैसकॉम ने कहा कि वह लंबे समय से इस बात की वकालत कर रहा था कि कर छूट का ढांचा निवेश या अन्य अतिरिक्त शर्तों से जुड़ी जटिल अनुमोदन प्रक्रिया में न बदले, बल्कि कर संबंधी निश्चितता प्रदान करने वाला सरल और पारदर्शी तंत्र बना रहे। संस्था का मानना है कि यह बदलाव उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
नए प्रावधानों से भारतीय डेटा सेंटर कंपनियों को भी राहत मिलेगी। डेटा सेंटरों के लिए अलग-अलग अधिसूचना की अनिवार्यता समाप्त होने से अनावश्यक प्रशासनिक बोझ कम होगा और भारत में संचालित डेटा सेंटर इन्फ्रास्ट्रक्चर का उपयोग वैश्विक ग्राहकों के लिए और आसान हो जाएगा। नैसकॉम के अनुसार, अनुमोदन आधारित प्रणाली से शर्त-आधारित व्यवस्था की ओर बढ़ना उद्योग के विकास के लिए लाभदायक साबित होगा।
यह विधेयक आयकर अधिनियम, 2025, वित्त अधिनियम, 2026 और पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 में संशोधन का प्रस्ताव करता है। इसके तहत पात्र विदेशी निवेश फंड और फंड प्रबंधकों के लिए कर नियमों को भी सरल बनाने की योजना है, ताकि अनुपालन संबंधी बोझ कम हो सके और जरूरी सुरक्षा प्रावधान भी बरकरार रहें।
विधेयक में विदेशी निवेशकों के लिए सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश पर नई कर छूट देने का भी प्रस्ताव रखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत को वैश्विक निवेश आकर्षित करने और डेटा सेंटर तथा डिजिटल बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में अपनी स्थिति और मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
  

[@ इस गुफा का चमत्कार सुनकर रह जाएंगे दंग]


[@ इन बातों का रखें ध्यान, भरे रहेंगे धन के भंडार]


[@ मस्जिद में सिर्फ महिलाए पढती हैं नमाज,ऎसा क्यों]