देसी घी 300 रुपये प्रति टिन महंगा, लिक्विड दूध की आपूर्ति घटने से और तेजी के आसार
देसी घी की कीमतों में हाल ही में 300 रुपये प्रति टिन की बढ़ोतरी हुई है, जिसका कारण दूध की आपूर्ति में कमी और त्योहारों के दौरान बढ़ती मांग है। माना जा रहा है कि दूध पाउडर और देसी घी की कीमतें आने वाले समय में और बढ़ सकती हैं।
जीएसटी सुधार 2030 तक देश को 350 अरब डॉलर की कपड़ा अर्थव्यवस्था बनाने में होंगे मददगार : केंद्र
केंद्र सरकार के अनुसार, नेक्स्ट जनरेशन जीएसटी सुधार भारत के कपड़ा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक छलांग हैं, जो 2030 तक देश को 350 अरब डॉलर की कपड़ा अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में उत्प्रेरक का काम करेंगे।
अप्रैल-जून अवधि में 7.8 प्रतिशत की जीडीपी ग्रोथ रेट से अमेरिकी टैरिफ से आई अनिश्चितता में आएगी कमी :इंडस्ट्री
वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून अवधि) में अर्थव्यवस्था का 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ना सभी के लिए उत्साहजनक है। इससे अमेरिकी टैरिफ के कारण जो अनिश्चितता बढ़ी है उसमें कमी आएगी। यह बयान इंडस्ट्री की ओर से दिया गया।
सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को राहत देते हुए बोरियों के उपयोग शुल्क में 40 प्रतिशत की वृद्धि की
केंद्र सरकार ने बोरियों के उपयोग शुल्क में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि की है, जिससे राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) को वित्तीय राहत मिली है।
बिहार में 2,400 मेगावाट के ग्रीनफील्ड थर्मल पावर प्लांट के लिए अदाणी पावर को मिला लेटर ऑफ अवार्ड
अदाणी पावर लिमिटेड ने शुक्रवार को बताया कि कंपनी को बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड (बीएसपीजीसीएल) से 25 साल की लंबी अवधि की बिजली खरीद के लिए लेटर ऑफ अवार्ड (एलओए) मिला है।
दीपा ब्रांड गोला और महंगा होने की आशंका, 70 प्रतिशत स्टॉक खत्म
व्यापारियों का कहना है कि पिछले पांच सालों में कच्चे नारियल का उत्पादन धीरे-धीरे घटकर 35% रह गया है। इसके विपरीत, कच्चे नारियल की खपत में 50% की वृद्धि हुई है। इन्हीं कारणों से गोले के भाव इस साल ऊंचे ही बने रहेंगे। दूसरी ओर, मंगल खोपरा पाउडर में थोड़ी नरमी देखी गई है, जो पहले 9800 रुपए प्रति 25 किलो बिक रहा था, अब 8850 रुपए प्रति 25 किलो पर आ गया है।
ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन पर अंकुश लगाने के मिशन पर काम कर रही सरकार : नीति आयोग
नीति आयोग के ऊर्जा, प्राकृतिक संसाधन और पर्यावरण सलाहकार राजनाथ राम के अनुसार, केंद्र सरकार ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन पर अंकुश लगाने और 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए कार्बन कैप्चर, उपयोग और भंडारण (सीसीयूएस) मिशन के रोडमैप और परिव्यय को अंतिम रूप दे रही है।