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वित्त वर्ष 2027 की शुरुआत में भारत की खपत और आर्थिक गतिविधियां मजबूत, वस्तुओं की कर योग्य आपूर्ति में हुई 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी

Source : business.khaskhabar.com | Jun 02, 2026 | businesskhaskhabar.com Business News Rss Feeds
 india consumption and economic activity remained strong at the beginning of fy2027 with taxable supply of goods increasing by 27 percent 818068नई दिल्ली । मजबूत घरेलू मांग के चलते वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआती अवधि में भारत की खपत और आर्थिक गतिविधियां मजबूत बनी रहीं। सरकारी सूत्रों ने सोमवार को बताया कि अप्रैल में वस्तुओं (गुड्स) की कर योग्य आपूर्ति में 27 प्रतिशत और सेवाओं (सर्विसेज) की कर योग्य आपूर्ति में 22.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। 
आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल 2026 में वस्तुओं के सभी क्षेत्रों की कर योग्य आपूर्ति सालाना आधार पर 26.9 प्रतिशत बढ़कर 40.10 लाख करोड़ रुपए पहुंच गई, जो पिछले साल इसी अवधि में 31.61 लाख करोड़ रुपए थी। इसमें सभी 27 कमोडिटी समूहों में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।
मई में दाखिल किए गए जीएसटी रिटर्न में रिपोर्ट किए गए अप्रैल के आंकड़ों से पता चला कि कृषि, विनिर्माण, रसायन, धातु, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और उपभोक्ता वस्तुओं सहित लगभग सभी प्रमुख क्षेत्रों में वृद्धि व्यापक रूप से देखने को मिली।
इसके अलावा, सोना और कीमती धातुओं से जुड़े क्षेत्रों में कर योग्य आपूर्ति 46.9 प्रतिशत बढ़ी, जबकि इलेक्ट्रिक मशीनरी और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के क्षेत्र में 34.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
दूरसंचार उपकरणों की कर योग्य आपूर्ति 24.6 प्रतिशत बढ़ी। वहीं, यात्री वाहन और बसों के क्षेत्र में 21.3 प्रतिशत तथा तैयार खाद्य उत्पादों (प्रिपेयर्ड फूड प्रोडक्ट्स) में 27.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
इस बीच, सेवा क्षेत्र ने भी मजबूत प्रदर्शन जारी रखा। अप्रैल में सेवाओं की कर योग्य आपूर्ति सालाना आधार पर 22.2 प्रतिशत बढ़कर 11.50 लाख करोड़ रुपए हो गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 9.41 लाख करोड़ रुपए थी।
रियल एस्टेट, निर्माण, परिवहन, पेशेवर सेवाएं और आतिथ्य (हॉस्पिटैलिटी) जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भी सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।
रियल एस्टेट सेवाओं में 50 प्रतिशत की तेज वृद्धि हुई, जबकि परिवहन, डाक और कूरियर सेवाओं में 21.3 प्रतिशत का विस्तार देखा गया।
इसी तरह, आवास, भोजन और पेय पदार्थ सेवाओं (अकॉमोडेशन, फूड एंड बेवरेज सर्विसेज) में 41.6 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।
वस्तुओं और सेवाओं, दोनों क्षेत्रों में मजबूत प्रदर्शन यह संकेत देता है कि घरेलू मांग में वृद्धि केवल कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक रूप से दिखाई दे रहा है।
इसके अलावा, मई में आयात पर एकीकृत वस्तु एवं सेवा कर (आईजीएसटी) संग्रह में सालाना आधार पर 20 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।
इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स आयात में सबसे अधिक योगदान देने वाले क्षेत्रों में शामिल रहे। प्रोसेसिंग यूनिट्स के आयात में 387 प्रतिशत और मेमोरी चिप्स के आयात में 205 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
इसके साथ ही आयात से जुड़े कर संग्रह में भी मजबूत वृद्धि देखने को मिली। मई में आयात पर आईजीएसटी संग्रह 20 प्रतिशत से अधिक बढ़ा। केवल कोयले का योगदान आईजीएसटी वृद्धि में 8 प्रतिशत से अधिक रहा, जबकि प्रोसेसिंग यूनिट्स और मेमोरी चिप्स ने क्रमशः 387 प्रतिशत और 205 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की।
--आईएएनएस 

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