आयात महंगा पड़ने से चने में मजबूती के संकेत, मिल डिलीवरी 6000 रुपए
Source : business.khaskhabar.com | Jun 02, 2026 | 
जयपुर। आयात बेपड़ता होने से वर्तमान में चने में तेजी के संकेत हैं। हालांकि फिलहाल चने की कीमतों में नरमी का रुख देखा गया है। ग्राहकी के अभाव में चना मिल डिलीवरी मंगलवार को 6000 रुपए प्रति क्विंटल रह गया। दो-तीन दिन के अंतराल में चने में करीब 125 रुपए प्रति क्विंटल निकल गए हैं। जयपुर दाल मिल एसोसिएशन के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट पवन अग्रवाल ने कहा कि देशी चने की फसल फरवरी से चल रही है। मध्य प्रदेश, कर्नाटक एवं महाराष्ट्र के बाद अब राजस्थान की फसल भी निपट चुकी है। फिलहाल किसी भी मंडी में आवक का दबाव नहीं है। इसका मुख्य कारण यह है कि अक्टूबर माह में देशी चने की बिजाई के समय ही प्रतिकूल मौसम के चलते बोई हुई फसल को काफी नुकसान हुआ था। इसके अलावा पिछले तीन सालों से देशी चने में किसानों को भारी नुकसान लगने से वे बिजाई में भी दिलचस्पी कम ले रहे थे। परिणामस्वरूप चने का प्रांतवार उत्पादन कम हुआ है। साथ ही चने की उत्पादकता भी घटी है। अग्रवाल ने बताया कि राजस्थानी चने का प्रैशर किसी भी मंडी में अधिक नहीं है। उधर पाइपलाइन में चने की कमी है। ऑस्ट्रेलिया से पहले वाले सौदे आकर निपट चुके हैं। यही कारण है कि राजस्थान का चना निकट भविष्य में ऊंचा बिक सकता है। जयपुर मंडी में चना दाल मीडियम के भाव 6825 रुपए तथा बोल्ड चना दाल 6975 रुपए प्रति क्विंटल बोली गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार ऑस्ट्रेलिया का काला चना मूंदड़ा एवं मुंबई पोर्ट पर लगभग खत्म हो चुका है। घरेलू चने की खपत ज्यादा है, लेकिन मिल्कियत कम है। कहा जा सकता है कि चने का भविष्य तेजी का रह सकता है।
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