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मध्य पूर्व संघर्ष तेज होने से शेयर बाजार में बड़ी गिरावट, सेंसेक्स 1,836 अंक लुढ़का, निवेशकों के डूबे करीब 13.65 लाख करोड़ रुपए

Source : business.khaskhabar.com | Mar 23, 2026 | businesskhaskhabar.com Market News Rss Feeds
 major stock market plunge as middle east conflict intensifies sensex tumbles 1836 points investors lose nearly ₹1365 lakh crore 800507मुंबई । पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्षों के कारण हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार एक बार फिर बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। अमेरिका-ईरान संघर्ष के तेज होने से घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्क निफ्टी50 और सेंसेक्स में 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले बीते 19 मार्च को भी बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी। 
बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 2.46 प्रतिशत या 1,836.57 अंक गिरकर 72,696.39 पर था, तो वहीं एनएसई निफ्टी 2.60 प्रतिशत यानी 601.85 अंकों की गिरावट के साथ 22,512.65 पर था।
अमेरिकी-ईरान युद्ध के चौथे सप्ताह में प्रवेश करने के कारण महंगाई की आशंका ने वैश्विक बाजारों को हिलाकर रख दिया, जिसके चलते सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली और बाजार लगभग 2.5 प्रतिशत गिर गया।
इंट्रा-डे कारोबार में सेंसेक्स 73,732.58 पर खुलकर एक समय 1974.5 अंक यानी 2.64 प्रतिशत गिरकर 72,558.44 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया, तो वहीं निफ्टी50 22,824.35 पर खुलकर एक समय 643 अंक या 2.75 प्रतिशत गिरकर 22,471.25 पर आ गया।
निफ्टी इंडिया अस्थिरता सूचकांक (इंडिया वीआईएक्स) सोमवार के सत्र में 19.11 प्रतिशत बढ़कर 27.17 पर पहुंच गया है। यह कारोबार के अंत में 17.17 प्रतिशत की बढ़त के साथ 26.73 पर बंद हुआ।
व्यापक बाजारों में बेंचमार्क सूचकांकों से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप में जहां 3.90 प्रतिशत की गिरावट आई, तो वहीं निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 3.94 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी कंस्ट्रक्शन ड्यूरेबल में 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई और यह सबसे अधिक नुकसान झेलने वाला सेक्टर बन गया। निफ्टी रियल्टी (4.74 प्रतिशत की गिरावट) और निफ्टी मेटल (4.97 प्रतिशत की गिरावट) सेक्टरों का प्रदर्शन भी काफी खराब रहा।
इसके अलावा, निफ्टी बैंक में 3.72 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो में 3.16 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी में 2.49 प्रतिशत तो निफ्टी आईटी में सबसे कम 0.18 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेंसेक्स में आई इस गिरावट से बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) में करीब 14 लाख करोड़ रुपए की गिरावट आई, जिससे यह पहले (शुक्रवार) के 428.76 लाख करोड़ रुपए से गिरकर 415.11 लाख करोड़ रुपए हो गया।
मार्केट एक्सपर्ट सुनील शाह ने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि नए हफ्ते का पहला दिन निवेशकों के लिए काफी खराब रहा और सेंसेक्स में 1,800 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
उन्होंने इस गिरावट की वजह बताते हुए कहा कि वीकेंड के दौरान जो घटनाक्रम सामने आए और अमेरिका के राष्ट्रपति की ओर से दिया गया बयान, जिसमें कहा गया कि अगर 48 घंटे के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य नहीं खोला गया तो ईरान को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे, उससे बाजार में नकारात्मक माहौल बना है।
एक्सपर्ट ने कहा कि इस बयान के जवाब में ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है और कहा है कि अगर ऐसा होता है तो वह खाड़ी देशों के इन्फ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के बयान और तनावपूर्ण हालात बाजार के लिए बिल्कुल भी अच्छे संकेत नहीं हैं और अगर स्थिति और बिगड़ती है तो असर और गहरा हो सकता है।
उन्होंने कहा कि भारत भी वैश्विक बाजारों के रुझान का ही अनुसरण करता है, इसलिए आज लगभग सभी बड़े बाजारों में गिरावट देखी गई। इसके साथ ही कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारत की अर्थव्यवस्था (मैक्रो) और कॉरपोरेट कंपनियों की कमाई (अर्निंग्स) पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण बाजार का रुख फिलहाल कमजोर (बेयरिश) बना हुआ है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का करीब 80 प्रतिशत आयात करता है; ऐसे में केवल महंगा तेल ही नहीं बल्कि होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट के कारण सप्लाई प्रभावित होने का भी खतरा है।
उन्होंने कहा कि जब तक इस तनावपूर्ण स्थिति का कोई समाधान नहीं निकलता और हालात सामान्य नहीं होते, तब तक बाजार में सकारात्मक माहौल बनना मुश्किल है। फिलहाल निवेशकों के लिए यह स्थिति नकारात्मक और चिंताजनक बनी हुई है।
--आईएएनएस
 

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